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नयी दिल्ली. उत्तरी दिल्ली (Delhi) के महापौर जय प्रकाश ने कहा है कि उन्होंने मंगलवार को एनडीएमसी सदन की कार्यवाही के दौरान कथित तौर पर ”दुर्व्यवहार करने और हंगामा मचाने” के लिये आम आदमी पार्टी (AAP) के सभी उपस्थित पार्षदों को तीन महीने के लिये ”निलंबित” कर दिया है। उन्होंने कहा कि आप पार्षद उत्तरी दिल्ली नगर निगम (NDMC) के कर्मचारियों के बकाया वेतन के मुद्दे पर चर्चा करना चाह रहे थे, लेकिन जल्द ही सब कुछ हंगामे में तब्दील हो गया। एनडीएमसी में आप के 30 पार्षद हैं।

इस निकाय पर 2012 से भाजपा का नियंत्रण है। महापौर ने बाद में कहा, “आम आदमी पार्टी के 22 पार्षदों को निलंबित किया गया है। वे सदन में दुर्व्यवहार और शोरगुल कर रहे थे। उनमें से कुछ डेस्क पर खड़े हो गए, कुछ आसन के पास आ गए। सामाजिक दूरी का भी ध्यान नहीं रखा गया। इसलिए यह कार्रवाई करनी पड़ी।” हालांकि दुर्गेश पाठक ने दावा किया कि “उनके सभी पार्षदों को निलंबित कर दिया गया।

आम आदमी पार्टी के दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) प्रभारी दुर्गेश पाठक ने कहा, ”हमने लोकतांत्रिक तरीके से सवाल पूछे लेकिन उनका जवाब देने के बजाय उन्होंने पार्षदों को निलंबित कर दिया। यह दर्शाता है कि भाजपा डरी हुई है और वे लोगों की परेशानियों को हल करने से भाग रहे हैं।” उन्होंने कहा, ”हमारे सभी पार्षदों को निलंबित कर दिया गया है।” एनडीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी कहा कि महापौर ने नेता प्रतिपक्ष विकास गोयल समेत आम आदमी पार्टी के लगभग सभी मौजूद पार्षदों को सदन के अगले तीन सत्र के लिए निलंबित करने का आदेश दिया है।

एनडीएमसी का सत्र हर महीने एक बार बुलाया जाता है। पाठक ने कहा कि आम आदमी पार्टी के पार्षद निलंबन के आदेश को वापस लेने की मांग को लेकर बुधवार को महापौर के कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा “इतना डर गई है कि वह आम आदमी पार्टी की आवाज को बंद करना चाहती है।” उन्होंने कहा, “यह अलोकतांत्रिक है और आम आदमी पार्टी, भाजपा के इस आचरण की निंदा करती है।” गोयल ने कहा कि भाजपा के पास हमारे सवालों का जवाब नहीं है इसलिए उन्होंने हमारे पार्षदों को निलंबित कर दिया।