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नयी दिल्ली. दिल्ली (Delhi) में इन दिनों कोरोना (Corona) अपने उफान पर है। दिनोदिन नए मामलों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। देखा जाए तो पिछले 24 घंटे में साढ़े सात हजार से ज्यादा नए मामले दर्ज हुए हैं। वहीं पिछले 24 घंटे में कोरोना से 98 लोगों की जान भी गई है। अगर आंकड़ों की तरफ देखें तो इस वक्त दिल्ली में 43,000 से ज्यादा कोरोना के एक्टिव केस हैं। अब यहाँ के प्राइवेट अस्पतालों के आईसीयू में 80 फीसदी बेड कोरोना मरीजों के लिए रिज़र्व रखने के फैसले पर अब सख्ती से अमल शुरू होगा। वहीं अब प्राइवेट अस्पतालों के नॉन-आईसीयू बेड 60 फीसदी तक कोरोना मरीजों के रिज़र्व होंगे।

दिल्ली में बढ़ाए जाएंगे और बेड:

गौरतलब है कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि अब प्राइवेट अस्पतालों में 2644 बेड कोरोना के इलाज के लिए बढाए जाएंगे। दिल्ली में बेड बढाने के और भी व्यापक इंतजाम हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि छतरपुर के  कोविड केयर सेंटर के 500 आइसोलेशन बेड के साथ ऑक्सीजन की सुविधा दी जाएगी। वहीं अब छतरपुर और शकूर बस्ती के कोविड सेंटर में अतिरिक्त सुरक्षा बल से आए 50 डॉक्टरों की नियुक्ति भी की जाएगी। इसके साथ ही शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन पर रेल कोच में बने 800 बेड अब युद्धस्थर पर तैयार हो रहे हैं। 

कोरोना को लेकर सियासत शुरू:

इधर दिल्ली में अब कोरोना पर बेड को लेकर राजनीति भी हो रही है। गौरतलब है कि AAP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार की तरफ़ से मिलने वाले 750 आईसीयू बेड में से अभी तक दिल्ली सरकार को एक भी बेड नसीब नहीं हुआ है। AAP ने यह भी कहा कि बीजेपी ने यहाँ पोस्टर तो छपवा दिए, लेकिन सच्चाई यह है कि एक भी बेड अब तक दिल्ली को नहीं मिला। अब AAP की मांग यह है कि एम्स में 4 हज़ार ICU बेड फिलहाल खाली है। इनको भी अब आम जनता के लिए खोला जाना चाहिए।

दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर पर भी अब होगा रैंडम कोरोना टेस्ट:

गौरतलब है कि नोएडा बॉर्डर की तर्ज पर अब दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर पर भी रैंडम कोरोना टेस्ट किया जाएगा। वहीं इसकी शुरुआत आज दोपहर 2 बजे होगी। इसके पहले हरियाणा के डीजी हेल्थ ने कल फरीदाबाद का दौरा भी किया था और बॉर्डर पर रैंडम सैंपलिंग कराने का आदेश दिया है। वहीं अब स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि रैंडम सैंपलिंग के जरिए कोरोना के प्रसार को काफी हद तक रोका जा सकता है।

जिस तरह से दिल्ली में कोरोना का कहर जारी है उससे साफ़ लग रहा है कि आनेवाले दिनों में कोरोना अपने और विकराल रूप में होगा। देखना यह है कि करना के इस आपातकाल में दिल्ली के राजनितिक दल अपने दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर इसके रोकथाम में क्या कुछ करेंगे।