Delhi Police files charge sheet on 120 cases, registers 750 FIRs

नयी दिल्ली. पुलिस ने आरोप लगाया है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी में बड़ी साजिश से संबंधित मामले में आरोपित उमर खालिद और शरजील इमाम ने “संशोधित नागरिकता विधेयक (सीएए) के खिलाफ चक्का जाम के लिए युवाओं को जुटाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने का फैसला किया था।”

दिल्ली पुलिस ने आरोप पत्र में आरोप लगाया कि सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य राज्य के खिलाफ बड़े पैमाने पर पूवनियोजित हिंसा थी। आरोप पत्र में स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव के बारे में भी उल्लेख है जो सीएए के खिलाफ एक आंदोलन में दिसम्बर 2019 के दौरान जंतर मंतर पर खालिद और इमाम से मिले थे।

पुलिस ने आरोप पत्र में आरोप लगाया है कि खालिद, यादव और इमाम ने “सीएए के खिलाफ चक्का जाम के लिए युवाओं को जुटाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने का फैसला किया था।” पुलिस ने 16 सितम्बर को 17,000 पृष्ठ का आरोप पत्र दायर किया था।

आरोप पत्र में कहा गया है जंतर मंतर पर जेएनयू के छात्र खालिद ने योगेंद्र यादव को इमाम से मिलवाया था। इसमें आरोप लगाया है कि इमाम शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन का षडयंत्रकर्ता था।

गौरतलब है कि नागरिकता कानून के समर्थकों और विरोधियों के बीच हुई हिंसा के बाद गत 24 फरवरी को उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक झड़प में 53 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 200 अन्य घायल हुए थे। (एजेंसी)