बुरा दौर अब पीछे, भारत की जीडीपी दर चौथी तिमाही में होगी वृद्धि के रास्ते पर: पारेख

नयी दिल्ली: आवास ऋण देने वाली कंपनी एचडीएफसी के गैर-कार्यकारी चेयरमैन दीपक पारेख ने बृहस्पतिवार को कहा कि बुरा दौर अब पीछे निकल रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में मांग में आ रही तेजी को देखते हुए भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दर चौथी तिमाही में वृद्धि के रास्ते पर पहुंच जायेगी।

कनाडा-भारत व्यापार परिषद द्वारा डिजिटल तरीके से आयोजित सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘‘उच्च आवृत्ति के आंकड़े (पीएमआई, व्यापार, बिजली खपत आंकड़े आदि) में माह-दर-माह आधार पर सुधार हो रहा है। अभी काफी कुछ की जरूरत है लेकिन इतना कहा जा सकता है कि बुरा दौर समाप्त हो गया है।”

पारेख ने उदाहरण देते हुए कहा कि टोल संग्रह कोविड-19 पूर्व के स्तर के 88 प्रतिशत पर पहुंच गया है, ई-वे बिल बढ़ रहे हैं और बिजली खपत बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि इस तिमाही में आवास की बिक्री 34 प्रतिशत बढ़ी है। लोग अपार्टमेंट में बने-बनाये मकान खरीद रहे हैं।

पारेख ने कहा कि कृषि क्षेत्र की स्थिति काफी अच्छी है और इस साल रिकार्ड 30 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन का अनुमान है। वृद्धि परिदृश्य के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘पहली तिमाही में 24 प्रतिशत की गिरावट आयी लेकिन मैं उसको लेकर चिंतित नहीं हूं क्योंकि उस दौरान तिमाही में काफी दिनों तक देश में पूरी तरह से ‘लॉकडाउन’ था।”

पारेख ने कहा, ‘‘सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि में 5 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है। लेकिन अंतिम तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर सकारात्मक दायरे में होगी। मैं भारत की संभावना और क्षमता को लेकर पूरी तरह से आशावादी हूं।” उन्होंने कहा कि भारत घरेलू खपत आधारित अर्थव्यवस्था है और आने वाले महीनों में मांग बढ़ेगी।