Coal
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नयी दिल्ली. ताप बिजली संयंत्रों तथा अन्य उद्योगों की उपभोग मांग में सुधार से सितंबर में देश का कोयला आयात (Coal Import) 11.6 प्रतिशत बढ़कर 1.90 करोड़ टन से अधिक रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी कीमतों की वजह से भी कोयला आयात सुधरा है। सितंबर, 2019 में कोयला आयात 1.70 करोड़ टन रहा था।

एमजंक्शन सर्विसेज लि. के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई गई। एमजंक्शन एक बी2बर ई-कॉमर्स कंपनी है जो कोयला और इस्पात क्षेत्र पर शोध रिपोर्ट भी प्रकाशित करती है। यह टाटा स्टील और सेल का संयुक्त उद्यम है। एमजंक्शन के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय वर्मा ने कहा, ‘‘ताप बिजली संयंत्रों तथा अन्य उद्योगों की मांग में सतत सुधार और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी कीमतों की वजह से त्योहारी सीजन से पहले कोयले की आयात मांग में सुधार हुआ है।”

वर्मा ने कहा कि आयात का परिदृश्य अभी अनिश्चित है। आगामी महीनों में यह उपभोक्ता क्षेत्रों के परिचालन और वृद्धि पर निर्भर करेगी। सितंबर में आयातित कुल कोयले में नॉन-कोकिंग कोयले आयात बढ़कर 1.19 करोड़ टन पर पहुंच गया। एक साल पहले समान महीने में यह 1.18 करोड़ टन रहा था। वहीं कोकिंग कोयले का आयात बढ़कर 45.8 लाख टन रहा, जो एक साल पहले समान महीने में 35.4 लाख टन था। हालांकि, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही अप्रैल-सितंबर में देश का कोयले का आयात घटकर 9.53 करोड़ टन पर आ गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान छमाही में 12.53 करोड़ टन था।