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नयी दिल्ली. कोरोना (Corona) वायरस महामारी के प्रकोप के चलते भारत के शीर्ष 12 बंदरगाहों (Port) पर माल की आवाजाही में सितंबर 2020 के दौरान लगातार छठे महीने गिरावट दर्ज की गई। बंदरगाहों की शीर्ष संस्था आईपीए के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान माल की आवाजाही 14 प्रतिशत घटकर 29.85 करोड़ टन रही। इस सभी 12 बंदरगाहों पर माल की आवाजाही केंद्र सरकार के नियंत्रण में हैं और यहां पिछले साल अप्रैल से सितंबर के दौरान 34.82 करोड़ टन माल की आवाजाही हुई थी।

जहाजरानी मंत्री मनसुख मंडाविया ने पिछले महीने कहा था कि कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के चलते 12 प्रमुख बंदरगाहों पर माल यातायात में मार्च के बाद उल्लेखनीय गिरावट आई है। इंडियन पोर्ट एसोसिएशन (आईपीए) के अनुसार इन 12 प्रमुख बंदरगाहों ने चालू वित्त वर्ष में अप्रैल और सितंबर के बीच 29.85 करोड़ टन माल संभाला, जो बीते वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 14.27 प्रतिशत कम है। कोविड-19 के प्रकोप के चलते मोरमुगाओ (गोवा) बंदरगाह को छोड़कर सभी प्रमुख बंदरगाहों पर नकारात्मक वृद्धि देखी गई। कामराज पोर्ट (एन्नोर) में माल की आवाजाही में अप्रैल-सितंबर के दौरान सबसे अधिक 31.63 प्रतिशत की कमी हुई, जबकि चेन्नई, कोचीन और जेएनपीटी जैसे बंदरगाहों पर यह गिरावट 20 प्रतिशत से अधिक रही। कोलकाता और मुंबई बंदरगाहों को 15 प्रतिशत से अधिक की गिरावट का सामना करना पड़ा।