तृणमूल ने किया BJP की नाक में दम, केंद्र राष्ट्रपति शासन लगाने की फिराक में

बंगाल में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पार्टी तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधा टकराव लगातार उग्र होता चला जा रहा है. हिंसाचार की घटनाएं निरंतर जोर पकड़ रही हैं. मुख्यमंत्री ममता और राज्यपाल जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) के बीच पहले ही काफी तनातनी चल रही थी और अब तो बंगाल दौरे में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर भी हमला हो गया तथा गाड़ियों की तोड़फोड़ हुई. नड्डा का कहना है कि वे बुलेटप्रूफ गाड़ी में थे इसलिए सुरक्षित बच गए. हालात काफी गंभीर हैं. राज्यपाल ने भी ममता बनर्जी को चेतावनी दी है कि वे संविधान का पालन करें.

यदि ऐसा नहीं किया तो मेरा रोल शुरू हो जाएगा. यह इस बात का संकेत है कि राज्य में कानून-व्यवस्था ठप हो जाने की रिपोर्ट राज्यपाल केंद्र को भेज सकते हैं और उस आधार पर संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत ममता बनर्जी की सरकार बर्खास्त कर बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है. ममता बनर्जी की जुबान वैसे भी तीखी है और वह बीजेपी से दबने वाली नहीं हैं. हैदराबाद नगर निगम चुनाव में काफी सीटें जीतने वाली बीजेपी के हौसले बुलंद हैं. वह अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाले बंगाल विधानसभा चुनाव को जीतना चाहती है और इसके लिए उसके नेता एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं. केंद्रीय गृहमंत्री तथा बीजेपी के रणनीतिकार अमित शाह डेढ़ महीने में दूसरी बार बंगाल दौरे पर जा रहे हैं. पिछले लगभग 1 वर्ष से बीजेपी बंगाल में अपना राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है.

तभी से बड़े पैमाने पर तृणमूल और बीजेपी कार्यकर्ताओं में झड़प और हिंसा की घटनाएं हो रही हैं. बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच टकराव में एक बीजेपी कार्यकर्ता की मौत हो जाने को लेकर बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो गया है. बंगाल में ममता बनर्जी ने 3 दशक से शासन कर रहे लेफ्ट को उसके ही तौर-तरीकों से जबरदस्त मात देकर अपना जुझारू नेतृत्व सिद्ध कर दिया था लेकिन अब उनका सीधा मुकाबला बीजेपी से है. बंगाल प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष को बीजेपी के केंद्रीय नेताओं का पूरा समर्थन व सहयोग है.

जब हैदराबाद महापालिका चुनाव में बीजेपी 4 सीटों से बढ़कर 48 सीटों पर जा सकती है तो बंगाल विधानसभा चुनाव क्यों नहीं जीत सकती? इसी फार्मूले पर बीजेपी नेता काम कर रहे हैं कि बंगाल का किला फतह किया जाए. ममता को भी लेफ्ट या कांग्रेस की तुलना में बीजेपी अपनी बड़ी प्रतिस्पर्धी नजर आती है. ममता की राजनीति हमेशा से मुस्लिम वोटों को साधे रखने की रही है. बांग्लादेशी घुसपैठियों के प्रति भी उनका रवैया नरम रहा है. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर तृणमूल कार्यकर्ताओं द्वारा हमले के बाद केंद्र ने बंगाल के राज्यपाल से कानून व्यवस्था पर रिपोर्ट मांगी है. बीजेपी उपाध्यक्ष मुकुल राय ने भी मांग की कि बंगाल में तुरंत राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए. राज्यपाल ने कहा कि हमलावरों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है तथा वे अराजकता और कानून व्यवस्था के चरमराने से चिंतित हैं.