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इस आपदा के जारी रहते आंध्रप्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के एलुरु में एक अज्ञात बीमारी फैल रही है.

चिकित्सा विज्ञान कितने ही रोगों का इलाज खोज चुका लेकिन यदि पुरानी बीमारियों का उन्मूलन हो भी जाए तो नई रहस्यमय व अनजान बीमारियां चुनौती बनकर खड़ी हो जाती हैं. रोग निदान या उसका इलाज तो डाक्टरों के हाथों में है परंतु विज्ञान यह समझने में असमर्थ है कि ऐसे नए व अनजान रोग कैसे पैदा हो जाते हैं जो कि पहले अस्तित्व में नहीं थे? आंध्रप्रदेश में पहले ही कोरोना का प्रकोप कम नहीं है. वह देश के कोविड-19 प्रभावित राज्यों में तीसरे नंबर पर है. राज्य में कोरोना के 8.71 लाख मामले आ चुके हैं और इससे 7000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. इस आपदा के जारी रहते आंध्रप्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के एलुरु में एक अज्ञात बीमारी फैल रही है. इसके रोगियों में चक्कर आने, सिर दर्द और मिर्गी जैसे लक्षण दिख रहे हैं. इसके मरीजों की तादाद 200 से ज्यादा हो गई है. इस रहस्यमय बीमारी के सारे मरीज अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं जिनका आपस में कोई संपर्क नहीं है और वे लोग एकसाथ किसी समारोह में शामिल भी नहीं हुए. इतने पर भी सभी में एक जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं. सभी मरीजों की एक्सरे और सीटी स्कैन रिपोर्ट नार्मल आई है. ऐसा लगता है कि जैसे-जैसे मेडिकल साइंस तरक्की कर रहा है, नई-नई बीमारियां चुनौती बनकर सामने आने लगी हैं. यदि इतिहास पर गौर करें तो पेनिसिलीन के ईजाद के पहले कितने ही लोग न्यूमोनिया से जान गंवा बैठते थे. 1948 तक तो एंटीबायोटिक दवाएं भी नहीं थीं. यही वजह है कि प्लेग, हैजा, मलेरिया से लोग जान गंवा बैठते थे. टीबी का भी कोई इलाज नहीं था, तब रोगी को यह सोचकर सेनेटोरियम भेज दिया जाता था कि शायद अच्छी आबोहवा और पोषक आहार मिलने से वह ठीक हो जाए लेकिन फिर भी वह बच नहीं पाता था. आजादी के समय देश की आबादी 40 करोड़ थी और औसत आयु सिर्फ 27 वर्ष मानी जाती थी जो अब 58 वर्ष के आसपास पहुंच गई है. देश में 2 करोड़ लोगों की आयु 75 वर्ष से अधिक है. तरह-तरह के वैक्सीन ईजाद होने तथा स्वास्थ्य के प्रति सजगता से जीवनमान बढ़ा है. देश से पोलियो उन्मूलन हो चुका है. बंगाल से लेकर छत्तीसगढ़ तक कभी मलेरिया जानलेवा बीमारी थी जो अब काफी कम हो चुकी है लेकिन फिर भी चिकनगुनिया, फ्लू आदि का प्रकोप देखा जाता है. जिस तरह 1898 में और फिर 1914 में प्लेग की महामारी ने कहर ढाया था, वैसे ही कोविड-19 ने समूची दुनिया को हिलाकर रख दिया. सभी को कोरोना वैक्सीन की प्रतीक्षा है लेकिन अब आंध्रप्रदेश में नई अनजान बीमारी मेडिकल साइंस के लिए एक नई चुनौती बनकर आ गई है.