उत्तर कोरिया के तानाशाह, किम जोंग की क्रूरता

    जालिम तानाशाह किसी राक्षस से कम नहीं होते. किसी की जान लेने में उन्हें पैशाचिक आनंद आता है. एडोल्फ हिटलर ने लाखों यहूदियों को यातना शिविरों और गैस चेम्बर में मौत के घाट उतार दिया था. यूगांडा के तानाशाह ईदी अमीन ने न केवल भारी नरसंहार करवाया था, बल्कि वह मानव मांस खानेवाला आदमखोर भी था. उसके रेफ्रिजरेटरों में मानव अंग पाए गए थे. उसने अपने देश में रहने वाले भारतीयों की जमीन-संपत्ति-मकान जब्त कर उन्हें भागने पर विवश कर दिया था. मौत से बचने के लिए ये लोग लुटी-पिटी हालत में इंग्लैंड पहुंचे और नए सिरे से अपनी जिंदगी शुरू की. 

    चीन में लोकतंत्र की मांग करने वाले हजारों निहत्थे छात्रों को थ्यान-आन-मेन चौक पर वहां की तानाशाह सरकार ने गोलियों से भून दिया था. हांगकांग में भी प्रदर्शनकारियों पर चीन ने बहुत जुल्म ढाए. उत्तर कोरिया का सनकी, क्रूर और बदमिजाज तानाशाह किम जोंग जनता को भयभीत रखने के लिए अमानुषिक अत्याचार करता है. उससे भी क्रूर उसकी बहन बताई जाती है. हाल ही में किम जोंग ने अपने देश के 10 नागरिकों को सरेआम चौराहे पर मौत के घाट उतरवा दिया. उनका कसूर यह था कि उन्होंने चीनी मोबाइल फोन नेटवर्क के जरिए बाहरी दुनिया से संपर्क करने की कोशिश की थी. उत्तर कोरिया के लोगों का देश से बाहर फोन पर बात करना जुर्म है. 

    सीक्रेट पुलिस ने खुफिया निगरानी रखते हुए उत्तर कोरिया के 150 लोगों को इस आरोप में पकड़ा. उत्तर कोरिया के लोगों के कई परिजन दक्षिण कोरिया में हैं, जिनसे संपर्क करने के लिए वे तस्करी के मोबाइल व सिमकार्ड की मदद लेते हैं. उत्तर कोरिया में खाद्यान्न का भीषण संकट होने से भुखमरी का दौर चल रहा है. दैनिक उपयोग की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं लेकिन वहां की सरकार के सामने कोई मुंह नहीं खोल सकता. तानाशाह किम जोंग घातक मिसाइल और परमाणु हथियार बनाने पर सारे संसाधन खर्च कर देता है. दक्षिण कोरिया की हालत बहुत अच्छी है लेकिन उत्तर कोरिया को किम जोंग ने नर्क बना रखा है. वहां के लोग बाहरी दुनिया से कटे हुए हैं और कहीं से भी कोई मदद नहीं मंगवा सकते.