Ignoring Social Dustinings, a fair is organized in front of banks

सहकारी बैंकों के बाद अब निजी बैंक भी भरोसेमंद नहीं रहे. देश के चौथे सबसे बड़े निजी बैंक यस बैंक पर महासंकट आ पड़ा है. भारतीय रिजर्व बैंक ने नकदी के संकट से जूझ रहे यस बैंक के निदेशक मंडल को भंग कर

सहकारी बैंकों के बाद अब निजी बैंक भी भरोसेमंद नहीं रहे. देश के चौथे सबसे बड़े निजी बैंक यस बैंक पर महासंकट आ पड़ा है. भारतीय रिजर्व बैंक ने नकदी के संकट से जूझ रहे यस बैंक के निदेशक मंडल को भंग कर एसबीआई के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी प्रशांत कुमार को प्रशासक नियुक्त कर दिया. बैंक ग्राहकों के लिए रकम निकासी की सीमा 50,000 रुपए तय कर दी. यस बैंक के ग्राहकों की सूची में रिटेल की तुलना में कारपोरेट ग्राहक ही ज्यादा हैं. देश भर में इसकी 1000 से ज्यादा शाखाएं हैं तथा 1800 एटीएम हैं. यस बैंक ने जिन कंपनियों को लोन दिया, उनमें से ज्यादातर घाटे में हैं. कंपनियां दिवालिया होने की कगार पर हैं इसलिए लोन वापस मिलने की गुंजाइश कम हो गई है. जैसे-जैसे मंदी की वजह से कंपनियां डूबने लगीं, बैंक की हालत पतली होती चली गई. यस बैंक का संकट तब गहराने लगा जब बैलेंसशीट की सही जानकारी नहीं देने पर बैंक के को-फाउंडर राणा कपूर को जनवरी में पद से हटा दिया गया. रिजर्व बैंक ने यस बैंक पर 1 करोड़ रुपए जुर्माना लगाया था. बैंक पर आरोप था कि वह मेसेजिंग साफ्टवेयर स्विफ्ट के नियमों का पालन नहीं कर रहा है. इस साफ्टवेयर का  इस्तेमाल बैंक लेन-देन के लिए करते हैं. अगस्त 2019 में मूडीज ने यस बैंक की रेटिंग घटा दी. इससे बाजार में निगेटिव संकेत गए. सितंबर 2018 में यस बैंक का मार्केट कैप 80,000 करोड़ के आसपास था, वह 90 फीसदी से ज्यादा घट गया है. अगस्त 2018 में जहां यस बैंक के शेयर का प्राइस 400 रुपए था, वह नकदी की कमी के चलते फिलहाल 18 रुपए के आसपास है. आज बैंक के शेयर 50 प्रतिशत से नीचे कारोबार कर रहे हैं. अब रिजर्व बैंक पाबंदियों के बीच यस बैंक के खातों की एसेट क्वालिटी का मूल्यांकन करेगा और इसके बाद तय करेगा कि आगे क्या किया जा सकता है. संभावना है कि 30 दिनों के भीतर तय कर लिया जाएगा कि इस बड़े निजी बैंक का मर्जर (विलय) होगा या इसे टेकओवर किया जाएगा. संभावना है कि डूबत कर्ज से जूझ रहे यस बैंक को स्टेट बैंक आफ इंडिया का बैंक समूह खरीदेगा.