CBSE 12वीं की परीक्षा कैंसिल, क्या होगा रिजल्ट और मार्किंग फार्मूला? पढ़ें डिटेल

    नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड (CBSE 12th Board Exam) की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में वरिष्ठ मंत्रियों और शिक्षा विभाग के अधिकारीयों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। परीक्षा को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारे छात्रों का स्वास्थ्य और सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस पहलू पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhriyal Nishank) ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि 12वीं कक्षा के रिजल्ट समयबद्ध तरीके से एक पूर्णतः स्पष्ट उद्येश्यपरक मानदंडों के अनुसार तैयार किए जाएंगे। यदि पिछले साल की तरह ही यदि कुछ विद्यार्थी परीक्षा में बैठने की इच्छा रखते हैं, तो स्थिति अनुकूल होने पर सीबीएसई द्वारा उन्हें ऐसा विकल्प प्रदान किया जाएगा।

     रिजल्ट के लिए क्या होगा फॉर्मूला?

    अभी CBSE ने 12वीं क्लास के लिए कोई फाइनल क्राइटीरिया तय नहीं किया है, सरकार ने इसका फैसला बोर्ड पर ही छोड़ा है। लेकिन उम्मीद है कि 11वीं और 12वीं के दौरान हुए इंटरनल असेस्मेंट के आधार पर बच्चों को नंबर दिए जा सकेंगे। जैसे दसवीं के लिए बिना पेपर दिए पास करने का फॉर्मूला अपनाया था, उसी का इस्तेमाल यहां हो सकता है। इसमें 20 नंबर इंटरनल असेस्मेंट के, 80 नंबर पूरी क्लास के दौरान हुए टेस्ट या दूसरे पेपर्स को मिलाकर दिए जा सकते हैं। वहीं अनुमान है कि, स्कूल विद्यार्थी के पिछले तीन साल के प्रदर्शन के आधार पर मार्किंग करेगा और इन अंकों को बोर्ड को नियत समय के अंदर भेज देगा। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार 2 या 3 जून को सीबीएसई मार्किंग पद्धति के बारे में घोषणा कर सकती है। 

    ग्रेजुएशन के लिए अब कैसे होगा एडमिशन?

    छात्रों के लिए 12वीं की परीक्षा के बाद अब सबसे बड़ी परेशानी कॉलेज में एडमिशन को लेकर मानी जा रही है। बच्चों को कॉलेज में एडमिशन मिलने की चिंता सताने लगी है, उन्हें डर है कही उनका ईयर बेकार तो नहीं जाएगा। सरकार ने यदि परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है तो रिजल्ट आने में जुलाई के आखिर तक का समय लग सकता। है। ऐसे में अगर अगस्त तक नतीजे आते हैं, तो उसी आधार पर बच्चों को कॉलेज में एडमिशन के लिए अप्लाई करना होगा। कई यूनिवर्सिटियों में अगस्त-सितंबर तक एडमिशन ओपन रहते है, ऐसे में कॉलेज में एंट्री में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। लेकिन रिजल्ट आने में देरी होती है, तो सरकार भी इस और कुछ बड़ा फैसला ले सकती है।