IGNOU launched several online courses during lockdown

नई दिल्ली. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने लॉकडाउन के दौरान और उसके बाद छात्रों की सुविधा के लिये आनलाइन माध्यम से हिंदी में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम तथा गांधी एवं शांति अध्ययन, पुस्तकालय और सूचना विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी तथा अरबी भाषा कोर्स शुरू किया है । इग्नू के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव ने ‘‘पीटीआई-भाषा” से बातचीत में कहा, ‘‘हमने पिछले कुछ समय में आनलाइन माध्यम से कई कोर्स शुरू किये हैं। गांधी एवं शांति विषय पर तीन आनलाइन कोर्स शुरू किये गए हैं जिनमें स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम शामिल हैं।”

राव ने बताया कि इसके अलावा पर्यटन अध्ययन में स्नातक, अरबी भाषा में सर्टिफिकेट कोर्स, सूचना प्रौद्योगिकी में सर्टिफिकेट कोर्स, पुस्तकालय और सूचना विज्ञान में सर्टिफिकेट कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किये गए आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक पैकेज की आखिरी किश्त की घोषणा करते समय ऑनलाइन शिक्षा पर जोर दिया था और कहा था कि देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों को ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की शुरुआत करनी चाहिए । बहरहाल, इग्नू के कुलपति ने कहा कि हम इन विषयों में मुक्त और दूरस्थ शिक्षा पाठ्यक्रम (ओडीएल) पहले से ही चला रहे हैं और अब इन्हें ऑनलाइन माध्यम से शुरू किया गया है ।

हमारे पास चार स्वयंप्रभा चैनल तथा ज्ञान दर्शन चैनल भी हैं। इन कार्यक्रमों के लिये इन चैनलों का भी उपयोग किया जायेगा । कुलपति ने कहा कि इग्नू के पास आनलाइन माध्यम से कोर्स संचालित करने के लिये पहले ही वृहद सामग्री उपलब्ध है। इग्नू का इलेक्ट्रानिक मीडिया प्रोडक्शन सेंटर है जहां हजारों की संख्या में वीडियो सामग्री उपलब्ध है । उन्होंने कहा कि आनलाइन माध्यम से हिंदी में कोर्स शुरू करने से हिन्दी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने में काफी मदद मिलेगी । विदेशों में हिन्दी काफी लोकप्रिय हो रही है, ऐसे में आनलाइन कोर्स से काफी मदद मिलेगी।

इग्नू के प्रतिकुलपति एवं ऑनलाइन स्नातकोत्तर संकाय के राष्ट्रीय संयोजक प्रो. सत्यकाम ने बताया कि एम.ए. हिन्दी ऑनलाइन कार्यक्रम के तहत प्रथम छह माह के दौरान आधुनिक हिन्दी कविता तथा उपन्यास एवं कहानी विषय होंगे । दूसरी छमाही में नाट्य एवं अन्य गद्य विधाएं तथा हिन्दी भाषा और साहित्य का इतिहास पढ़ाया जायेगा । उन्होंने बताया कि तृतीय छमाही में आदिकालीन एवं मध्यकालीन हिन्दी काव्य, साहित्य सिद्धांत और समालोचना तथा भाषा विज्ञान एवं हिन्दी भाषा पढ़ाया जायेगा । जबकि चतुर्थ छमाही में उपन्यास : स्वरूप एवं विकास, हिन्दी उपन्यास (प्रेमचंद विशेष), भारतीय उपन्यास विषय होंगे।(एजेंसी)