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    बेंगलुरु. कर्नाटक (Karnatka) में कोविड-19 (Corona) से संबंधित एहतियात और दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए सोमवार से पहली से पांचवीं कक्षा के छात्रों के लिए स्कूल फिर से खुल गए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया, हालांकि शहर में तथा राज्य के विभिन्न स्थानों पर कई निजी स्कूलों ने दीपावली के बाद छात्रों के लिए स्कूल फिर से खोलने का फैसला किया है। कई स्कूलों ने छात्रों का स्वागत करने के लिए परिसरों और कक्षाओं को सजाकर विशेष इंतजाम किए।

    चौथी कक्षा के एक छात्र ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, ‘‘मुझे स्कूल वापस आकर खुशी हो रही है। मैं अपने दोस्तों को याद करता था क्योंकि मैं घर से बमुश्किल बाहर निकलता था और स्कूल भी नहीं जा पाता था। तब से मैं शिक्षकों को मोबाइल या लैपटॉप पर पढ़ाते हुए देखता था लेकिन अब मैं उन्हें आमने-सामने देख सकता हूं।”

    एक शिक्षक ने कहा कि स्कूलों ने सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए सभी आवश्यक बंदोबस्त किए हैं और उन्हें फिर से छात्रों को स्कूल में देखकर खुशी हुई। कोरोना वायरस के मामले घटने पर कर्नाटक सरकार ने कोविड-19 तकनीकी सलाहकार समिति से विचार विमर्श कर 18 अक्टूबर को पहली से पांचवीं कक्षा के छात्रों के लिए 25 अक्टूबर से फिर से स्कूलों को खोलने का फैसला किया था। स्कूल आने के लिए अभिभावकों से सहमति पत्र लाना आवश्यक है।

    सरकार ने प्रवेश द्वार पर कोविड-19 के लक्षणों की जांच, कक्षाओं में 50 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति, सैनिटाइजर की व्यवस्था, कम से कम एक मीटर की दूरी, खासतौर से स्कूल में प्रवेश करने और बाहर जाने पर कोई भीड़भाड़ नहीं तथा कक्षाओं में रोगाणुनाशकों का छिड़काव करने जैसे कई नियम बनाए हैं। सरकार ने कहा था कि कोविड-19 रोधी टीके की दोनों खुराक ले चुके शिक्षकों और कर्मियों को ही कक्षाओं में आने की अनुमति दी जाएगी।

    प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री बी सी नागेश ने हाल में कहा था कि पहले हफ्ते एक दिन में केवल आधे दिन ही कक्षाएं होंगी और उन्होंने अभिभावकों से बिना किसी डर के बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की थी। सरकार ने छठी से आठवीं कक्षाओं के छात्रों के लिए छह सितंबर और नौवीं और 12वीं कक्षाओं के छात्रों के लिए 23 अगस्त से स्कूल फिर से खोल दिए थे।