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    मुंबई: बॉलीवुड एक्टर अर्जुन कपूर(Arjun Kapoor) की फिल्म सरदार का ग्रैंडसन ये कहानी कुछ इस तरह है कि एक पोता अपनी दादी की आखिरी इच्छा पूरी करना चाहता है। लेकिन उसे पूरा करते हुए क्या होता ये ही फिल्म की कहानी है। फिल्म का ट्रेलर कुछ दिन पहले ही रिलीज हुआ था। और लोगों को ट्रेलर बहुत पसंद भी आ रहा है।

    अब हाल ही में अर्जुन ने बताया कि वह रियल में अपनी दादी की एक इच्छा पूरी नहीं कर सकते। अर्जुन ने कहा कि ‘मेरी दादी की एक इच्छा है कि वह अपने पोतों के बच्चे देखना चाहती हैं। लेकिन मैं उन्हें नहीं दे सकता। अब दूसरे कपूर खानदान के चिराग को उनकी ये इच्छा पूरी करनी होगी।’

    अर्जुन कपूर कुछ दिनों पहले बताया था कि इस फिल्म की शूटिंग के दौरान कुत्ते ने उन्हें काट लिया था। उन्होंने कहा था कि ‘हमारा सीन था कि मैं कई सालों के बाद घर आया हूं और कुत्ते को लगेगा कि मैं कोई घुसपैठिया हूं और वह मुझे काटने आएगा। तो मैं सीन के मेन हीरो यानी कि बारूद (डॉग का नाम) ऑफ कैमरा भी खूब टाइम स्पेंड करता था ताकि वह मेरे साथ कम्फर्टेबल रहे। हम बारूद और मेरे कुछ रीटेक्स ले रहे थे कि कभी किसी एसिस्टेंट ने माइक पर चिल्लाया काटो. काटो सुनकर बारूद को लगा कि ये ऑर्डर उसके लिए है और उसने मेरे पैर काट लिया. जैसे ही उसे कहा गया हील यानी कि आराम तब उसने मुझे छोड़ा और साइड में खड़ा हो गया. अभी भी मेरे बॉडी पर निशान है और ये निशान मुझे जिंदगी भर सरदार का ग्रैंडसन और सरदार का बारूद याद दिलाएगा।’

    आप को बताना चाहेंगे की अर्जुन कपूर सरदार का ग्रैंडसन फिल्म से डिजिटल डेब्यू करने जा रहे हैं। डेब्यू के बारे में बात करते हुए अर्जुन ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा था कि ‘इस समय दुनिया में महामारी फैल रही है। ऐसे समय में मेरी फिल्म का रिलीज होना और लाखों लोगों तक पहुंचा मेरे लिए बहुत एक्साइटिड है। यह एक मौका है जब मेरी फिल्म अलग-अलग भाषाओं में सबटाइटल्स के साथ देखी जाएगी।’