भिड़े की मुश्किलें बड़ी, घर भूल आए सम्मान समारोह की जरूरी चीज

    मुंबई: तारक मेहता का उल्टा चश्मा (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah)  एक ऐसा शो है जो कई सालों से दर्शकों का मनोरंजन कर रहा है। इस सीरियल के हर एक किरदार ने लोगों को हंसाया है। दर्शकों ने भी इस सीरियल को प्यार देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। टीआरपी में भी अभी भी शो छाया रहता है. शो में बिना डबल मीटिंग कॉमेडी को एक परिवार की कहानी के रूप में पेश किया गया है। अब शो के आगामी एपिसोड में जमकर ट्विस्ट देखने को मिलने वाला है। 

    तारक मेहता का उल्टा चष्मा में रिसोर्ट गए हुए गोकुलधामवासी रिसोर्ट पर बहुत आनंद उठा रहे है। गोकुलधामवासी न केवल स्टिंग ऑपरेशन की सफलता का जश्न मनाने रिसोर्ट पर पहुंचे है बल्कि उन्होंने पोपटलाल और उनके साथ मौजूद अन्य सदस्यों के साहस को सम्मानित करने की खास योजना भी बनायीं है।

    दरअसल गोकुलधाम का सेक्रेटरी होने के नाते भिड़े ने इस कार्यक्रम की योजना बनायी है। स्टिंग ऑपरेशन में पोपटलाल के साथ अन्य गोकुलधामवासियों ने अपनी जान पर खेलकर समाज में सच्चाई और न्याय को बरक़रार रखने का अनमोल काम किया है और उनके इस साहस का सम्मान तो जरूर होना चाहिए। इसलिए भिड़े रिसोर्ट में पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन करते है। पर इस समारोह के लिए आवश्यक सामान में सबसे महत्वपूर्ण चीज़ ‘शाल’ भिड़े घर पर ही भूल जाते है। उन्हें यह बात कार्यक्रम के दौरान याद आती है।

    अब कार्यक्रम रिसोर्ट में होने की वजह से भिड़े ना गोकुलधाम सोसाइटी में जाकर शाल ला सकते है और ना कही आस-पास जाकर नई शाल खरीद सकते है| कार्यक्रम शुरू हो चूका था और इस दौरान किसे से सलाह लेने की जोखिम भिड़े उठाने से रहे। उस वक़्त भिड़े के मन में एक ही विचार था, शाल के बदले कुछ और चीज मील जाए और काम हो जाए। रिसोर्ट में मौजूद कौनसी चीज़ शाल का विकल्प हो सकती है इसका जुगाड़ ढूंढते-ढूंढते भिड़े ने चादर, पर्दा यहाँ तक कि महिलओं के दुपट्टे के बारे में भी सोच लिया। आखिरकार ऐसे अजीब स्तिथि में भिड़े क्या रास्ता निकालेंगे?

    आपको बता दें कि मिशन काला कौआ, कोरोनावायरस महामारी के दौरान दवाइयों की होती कालाबाजारी पर आधारित था। यह पहली बार नहीं था जब शो में किसी सामाजिक मुद्दों को उठाया गया है। तारक मेहता का उल्टा चश्मा के मेकर्स हमेशा समाज से जुड़ी बुराइयों को अपने इस शो के जरिए उजागर करते हैं, जिसके साथ हंसी के ठहाके भी खूब लगते हैं।