”यह तारक मेहता नहीं, मराठी मारक मेहता है” : मनसे

मुंबई, महाराष्ट्र में दिन-प्रतिदिन राजनीति का नया स्वरुप देखने को मिल रहा है। अब इसमें भाषाई राजनीति का भी समावेश हो गया है। अब इस राजनीति में लोकप्रिय मनोरंजक सीरियल ''तारक मेहता का उल्टा चश्मा'' भी

मुंबई, महाराष्ट्र में दिन-प्रतिदिन राजनीति का नया स्वरुप देखने को मिल रहा है। अब इसमें भाषाई राजनीति का भी समावेश हो गया है। अब इस राजनीति में लोकप्रिय मनोरंजक सीरियल ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ भी कूद पड़ा है। खबरों के मुताबिक महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अमेय खोपकर इस धारावाहिक के एक संवाद को लेकर भाषाई राजनीति का मुद्दा बना लिया है। उन्होंने यह भी कहा ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ नहीं वरन मराठी मारक मेहता है। 

खबर के अनुसार अमेय खोपकर सीरियल ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के संवाद को लेकर क्रुद्ध है जिसमे इस धारावाहिक का एक चरित्र यह कहता हुआ दिखाया गया है कि ‘मुम्बई की आम भाषा हिंदी है’ । अब इस बात पर अमेय खोपकर का कहना है कि ‘शायद यह लोग भुल गयें हैं कि महाराष्ट्र की आम बोल चाल भाषा मराठी है’। उन्होंने आगे कहा कि इन गुजरातियों ने इस को भी भुला दिया है और अब हमें इन ‘गुजराती कीड़ों’को रोकना होगा।इस मुद्दे पर धारावाहिक निर्माता एसिड मोदी ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि मुंबई महाराष्ट्र में है और इस राज्य की आधिकारिक भाषा मराठी है, इसमें भी कोई संदेह नहीं है और उन्होंने यह भी कहा की वे भारतीय हैं, महाराष्ट्रीयन और गुजराती भी हैं। वे सभी भारतीय भाषाओं का सम्मान करते हैं। 

इस पर अमेय खोपकर का कहना है कि यह मराठा संस्कृति और लोगों के खिलाफ एक व्यवस्थित प्रचार है जिसे वे बिल्कुल भी नहीं चलने देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर महारष्ट्र में रहना है तो यहाँ के कायदे और कानून सिखने होंगे वरना वे यह भी सीखा सकते हैं। उन्होंने इस धारावाहिक में काम करने वाले मराठी कलाकारों को भी थोड़ी शर्म रखने की बात कही। इस बात पर मुद्दा बनते देख अब धारावाहिक निर्माता असित मोदी और कलाकारों ने इस पर माफ़ी मांग ली है।