Proposals found in fewer Hindi films-Parambrata Chattopadhyay

चट्टोपाध्याय हाल ही में ‘‘बुलबुल'' में नजर आए थे जिसमें उन्होंने चिकित्सक की भूमिका निभाई है। ‘‘बुलबुल'' का निर्माण अनुष्का और उनके भाई करनेश शर्मा की क्लीन स्लेट फिल्म्स ने किया है।

नयी दिल्ली. बंगाली फिल्मों के जाने माने अभिनेता परमब्रता चट्टोपाध्याय का कहना है कि हो सकता है कि उन्होंने हिंदी सिनेमा में कुछ बड़े अवसरों को खोया हो लेकिन उन्हें मुंबई से बहुत कम फिल्मों में काम के प्रस्ताव मिले। चट्टोपाध्याय 2012 में हिंदी फिल्म सुजॉय घोष की ‘‘कहानी” में नजर आए थे। इसके बाद वह ‘‘ गैंग्स ऑफ घोस्ट्स”, ‘‘यारा सिलीसिली” और ‘‘परी” में नजर आए थे।

चट्टोपाध्याय हाल ही में ‘‘बुलबुल” में नजर आए थे जिसमें उन्होंने चिकित्सक की भूमिका निभाई है। ‘‘बुलबुल” का निर्माण अनुष्का और उनके भाई करनेश शर्मा की क्लीन स्लेट फिल्म्स ने किया है।

चट्टोपाध्याय ने पीटीआई-भाषा से एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘हिंदी की कम फिल्में करने के दो कारण हैं। मेरी कई प्राथमिकताएं हैं। मैं यहां फिल्मों का निर्माण करता हूं, अपनी कंपनी के लिए विषयवस्तु तैयार करता हूं और अभिनेता के तौर पर मेरे पास कई फिल्में हैं। और इन्हीं कारणों से मैं अपनी जड़ें छोड़ कर मुंबई में बस नहीं सका।”

उन्होंने कहा,‘‘ हो सकता है कि मैंने बड़े अवसर गवां दिए हों लेकिन कई बार जानते बूझते तो कई बार मेरे लिए गए निर्णय के फलस्वरूप ऐसा हुआ। जो हिंदी फिल्में मैंने की हैं या जो मैं आगे करूंगा वे कम ही होगीं और उन्हीं निर्देशकों की होंगी जो मेरे साथ काम करना चाहते हैं।” (एजेंसी)