साउथ एक्टर विजय देवरकोंडा (Vijay Devarakonda) अपनी सुपरहिट फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। यंगस्टर्स को विजय की फ़िल्में बेहद पसंद आती है। विजय ने अपनी पर्सनल लाइफ में कभी सिगरेट नहीं पि। लेकिन, उन्हें फिल्म 'अर्जुन रेड्डी' में मज़बूरी में सिगरेट पीना पड़ा। हालांकि, इस फिल्म के बाद उन्होंने सिगरेट पीना छोड़ दिया। 
साउथ एक्टर विजय देवरकोंडा (Vijay Devarakonda) अपनी सुपरहिट फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। यंगस्टर्स को विजय की फ़िल्में बेहद पसंद आती है। विजय ने अपनी पर्सनल लाइफ में कभी सिगरेट नहीं पि। लेकिन, उन्हें फिल्म 'अर्जुन रेड्डी' में मज़बूरी में सिगरेट पीना पड़ा। हालांकि, इस फिल्म के बाद उन्होंने सिगरेट पीना छोड़ दिया। 

    नई दिल्ली: ‘लाइगर’ के लिए धन की सोर्सिंग से संबंधित FEMA (फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्टर) जांच के सिलसिले में  साउथ सुपरस्टार विजय देवरकोंडा (Vijay Devarakonda) बुधवार को हैदराबाद में ईडी के कार्यालय में पेश हुए। प्रवर्तन निदेशालय मल्टी लैंग्वेज फिल्म ‘लाइगर’ के संबंध में कथित भुगतान और धन के सोर्सिंग की जांच कर रहा है। 

    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईडी ने अभिनेता विजय देवरकोंडा से ‘लाइगर’ फिल्म की फंडिंग के सिलसिले में पूछताछ की। कथित फेमा उल्लंघन में उनसे पूछताछ की गई। 

    उल्लेखनीय है कि, इससे पहले केंद्रीय एजेंसी ने लाइगर फिल्म के डायरेक्टर पुरी जगन्नाथ और उनकी बिजनेस पार्टनर चार्मी कौर से लगभग 12 घंटे तक पूछताछ भी की थी।

    बता दें कि, मल्टी लैंग्वेज फिल्म ‘लाइगर’ एक स्पोर्ट्स एक्शन ड्रामा फिल्म थी। जो 25 अगस्त 2022  को परदे पर रिलीज़ हुई थी। जो बुरी तरफ फ्लॉप साबित हुई। इस मूवी को मेनली यूएस (लास वेगास) में 125 करोड़ रुपये से ज्यादा के बजट में शूट किया गया था। इस फिल्म में पूर्व-विश्व हैवीवेट चैंपियन माइक टायसन को भी कास्ट किया गया था। पैन-इंडिया फिल्म के रूप में रिलीज होने के बाद भी यह मूवी बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा कमाल नहीं कर पाई थी। 

    गौरतलब है कि, तेलंगाना के कांग्रेस नेता बक्का जुडसन ने Liger फिल्म में संदिग्ध तरीकों से इन्वेस्ट किए जाने की के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.जिसके बाद ईडी ने इस मामले की जांच शुरू की। जुडसन ने अपनी शिकायत में कहा था कि, पॉलिटिशियन ने भी ‘लाइगर’ में पैसा लगाया था। वहीं उन्होंने दावा भी किए था कि,इन्वेस्टर्स को अपने काले धन को सफेद करने का यह सबसे आसान तरीका लगा था। केंद्रीय जांच एजेंसी को शक है कि, कई कंपनियों ने फिल्म मेकर्स के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए थे। फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय जांच कर रही है।