आज है वाणी जयराम का जन्मदिन, जानें उनके जीवन से जुड़ी दिलचस्प बातें

    मुंबई: भारत की मीरा यानी वाणी जयराम (Vani Jairam) 30 नवंबर को अपना जन्मदिन मना रही है। उनका जन्म 1945 में तमिलनाडु के वेल्लोर में हुआ था। वाणी दक्षिण भारतीय सिनेमा में एक पार्श्व गायिका के रूप में जानी जाती हैं। वाणी का करियर 1971 में शुरू हुआ और चार दशकों में फैला हुआ है। वाणी अक्सर 1970 के दशक से लेकर 1990 के दशक के अंत तक भारत भर के कई संगीतकारों की पसंद रही। 

    गायिका ने हिन्दी के अलावा, उन्होंने कई भारतीय भाषाओं, जैसे तेलुगू, तमिल, मलयालम, कन्नड़, मराठी, ओड़िया, गुजराती और बंगाली भाषाओं में गाया है। वाणी को उनके गया गीत ‘बोले रे पपीहरा’ से बॉलीवुड में पहचान मिली थी। ऐसे में आज उनके जन्मदिन के मौके पर हम आपको बताते है उनसे जुड़ी कुछ खास बातें 

    वाणी जयराम संगीतकारों के परिवार से हैं। उनकी 5 बहने और तीन भाई हैं। वाणी घर में सबसे छोटी थी। वाणी ने आठ साल की उम्र में अपना पहला गाना मद्रास ऑल इंडिया रेडियो से गाया था। वाणी ने तीन बार सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता और ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और गुजरात राज्यों से राज्य सरकार के पुरस्कार भी जीते। 2012 में, उन्हें दक्षिण भारतीय फिल्म संगीत में उनकी उपलब्धियों के लिए फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड – साउथ से सम्मानित किया गया। उन्होंने 1980 में मीरा (1979) के लिये फिल्म्फरे सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका पुरस्कार भी जीता हैं। 

    वाणी ने शास्त्रीय संगीत उस्ताद अब्दुल रहमान खान से सीखा हैं। उनकी शादी जयराम के साथ हुई है। वाणी को सफलता ऋषिकेश मुखर्जी द्वारा निर्देशित फिल्म गुड्डी से मिली थी। देसाई ने वाणी को फिल्म में तीन गाने रिकॉर्ड करने की पेशकश की, जिसमें गीत ‘बोले रे पपीहारा’ से उन्हें लोकप्रिय मिली।