खरीफ के बाद अब रब्बी फसलों पर संकट के बादल

  • बेमौसम बारीश व बदरीले मौसम का फटका
  • किसान चिंताग्रस्त

गडचिरोली. जिले में बिते 2 दिनों से बदरीला मौसम शुरू है, ऐसे में सोमवार 14 दिसंबर को जिले के कुछ क्षेत्र में हल्की बुंदाबांदी होने से जिले के किसान भयभित हुए है. इससे पूर्व खरीफ सीजन में हाथ में आयी फसल बेमौसम बारिश से छिन गई थी. इस दौरान धान व कपास फसलों का व्यापक नुकसान हुआ था. अब रब्बी फसलों से अपेक्षा होते समय इसपर भी प्रकृति के कुदृष्टि दिखाई देने से किसानों की चिंता बढ गई है. 

रब्बी सीजन में जिले के किसान तुअर, चना, मुंग, लाखोडी, उडद, गेहू, ज्वारी आदि फसलों का उत्पादन लेते है. इस वर्ष भी किसानों इन फसलों की बुआई की है. वीहं बागायती क्षेत्र के किसान सब्जीवर्गीय फसले लेते है. बुआई किए गए फसले अब उग रहे है. ऐसे में अचानक वातावरण में बदलाव होने से इससे इन फसलों पर संकटों के बादल छा गए है. जिले में विगत 2 दिनों से बदरीला मौसम का आलम जारी है. ऐसे में आज सोमवार को तडके के दौरान जिले के कुछ क्षेत्रों में हल्की बुंदाबांदी होने से किसानों की धडकने तेज हुई है.

बदरीले मौसम के कारण फसलों पर तांबेरा, लष्करी इल्ली, घाटे इल्ली का प्रादुर्भाव होने की संभावना निर्माण हुई है. तुअर का फसलों पर फुलों की बहार आयी है. ऐसे में बदरीले मौसम के कारण फुल झड रहे है. वहीं फल्ली पर किटों का प्रादुर्भाव नजर आ रहा है. इसके लिए किसान प्रतिबंधात्मक किटनाशकों का छिडकांव करने के लिए मशक्कत कर रहा है. मात्र छिडकांव के लिए लगनेवाला खर्च भी व्यापक होने से पहले ही वित्तीय संकटो से घिरा किसान और संकटों में फंसा है. 

जिले में अब भी धान पिसाई का कार्य शुरू है. इस बदरीले मौसम के कारण इसपर भी परिणाम दिखने की संभावना है. पिसाई के दौरान बारिश होने पर अडचणों में वृद्धी होने से किसानों की स्थिती इधर कुंआ, तो उधर खाई जैसी हुई है. इस वर्ष प्रकृति द्वारा किसानों की सत्वपरीक्षा लेने का चित्र जिले में दिखाई दे रहा है. पहले ही खरीफ सीजन में धान फसलों का व्यापक नुकसान हुआ है. ऐसे में अब रब्बी फसलों पर भी प्रकृति की कुदृष्टि होने से रब्बी सीजन भी हाथ से जाएगा क्या ? ऐसी चिंता किसानों को सता रही है.

‘ठंडी आऊट’; ‘बिमारियां इन’

बिते 2 दिनों से जिले में बदरीला मौसम दिखाई देने से एक ओर ठंडी का असर गायब होने की स्थिती जिले में है, वहीं दुसरों ओर विभीन्न संक्रमित बिमारियों ने घेरना प्रारंभ किया है. धुप, बादल, बारिश ऐसे विचित्र वातावरण के कारण अनेक लोगों को संक्रमित बिमारियों ने पछाडने का दिखाई दे रहा है. खासकर सर्दी, खांसी, सिरदर्द, बदनदर्द, बुखार ऐसी बिमारियों से ग्रस्त मरीज देखे जा रहे है. जिससे नागरिकों के कदम अस्पतालों की ओर बढने लगे है. 

हल्के  व मध्यम बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने इससे पूर्व विदर्भ में बदरीला मौसम व बारिश की संभावना व्यक्त की थी. जिसके तहत वर्धा जिले में बारिश दर्ज की गई. वहीं आज गडचिरोली शहर समेत जिले के कुछ क्षेत्र में सुबह के दौरान बुंदाबांदी हुई. इस दौरान मौसम विभाग ने विदर्भ के नागपूर, वर्धा, हिंगणघाट, यवतमाल, गोंदिया, चंद्रपूर व गडचिरोली जिले में मध्यम व हलक्या स्वरुप के बारिश की संभावना व्यक्त की जा रही है. 

कृषि विभाग का ले मार्गदर्शन – बराटे

विगत कुछ दिनों से बदरीला मौसम दिखाई देने से रब्बी फसलों पर किटों का प्रादुर्भाव बढने की संभावना है. मका, ज्वारी, तूअर इन फसलों पर किटों का प्रादुर्भा दिखाई देने से किसान फसल संरक्षण की दृष्टि से विशेष ध्यान रखे, कृषि विभाग मार्फत प्रत्यक्ष खेतों पर जाकर अधिकारी व कर्मचारियों की ओर से मार्गदर्शन किया जा रहा है. किसान फसलों पर किटों के प्रादुर्भाव के संदर्भ में प्रत्यक्ष कृषि अधिकारी या कर्मचारियों से संपर्क कर उनका मार्गदर्शन ले, ऐसा आह्वान कृषि अधिकारी भाऊसाहेब बराटे ने किया है.