शराबबंदी ही विकास की निवं – मुलचेरा व कोडी गांव में बैठक

गडचिरोली. जिले की शराबबंदी अधिक मजबूत करने के लिए मुलचेरा तहसील मुख्यालय व कोडीगांव में सामाजिक कार्यकर्ता व गांव के प्रतिष्ठीत नागरिकों की बैठक हाल ही में संपन्न हुई. जिले के विकास के लिए शराबबंदी आवश्यक होकर हम किसी भी स्थिती में शराबबंदी हटाने नहीं देंगे, शराबबंदी यही विकास की निवं होने का मत बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने व्यक्त किया. 

मुलचेरात व कोडीगांव में आयोजित बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता डा. आनंद बंग, संतोष सावलकर, पार्षद सुनीता कुसनाके, कविता सिडाम, पुलिस पटेल उषाताई पेंदाम, सामाजिक कार्यकर्ते दिगांबर गावले, माधव कुलमेथे, उषाताई नैताम, रुपेश अंबादे, आनंद सिडाम, ज्योती चौधरी, विद्या कुलमेथे आदि उपस्थित थे. कोडीगांव बैठक में कोडीगांव के पुलिस पटेल मंगा आलाम, गोमणी के पुलिस पटेल पुरुषोत्तम चौधरी, रीना सरकार, उमेश कडते, सैलाताई गंगुवार इनके साथ गोमणी परिसर के सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे. 

शराब पर जिला विकास निधी से दोगुना खर्च 

गडचिरोली जिले में शराबबंदी होने से 10 गुना शराब बिक्री कम है. पाबंदी हटाने पर शराब पर 500 करोड का खर्च होगा. यानी जिला विकास के बजट से दोगुना खर्च शराब पर होगा. शराब पर प्रत्येक गांव से 35 लाख रूपये खर्च होगा. जिले का विकास थमेगा. जिससे जिले की शराबबंदी कायम रखने के लिए प्रयास करे, ऐसा मत डा. आनंद बंग ने इस समय रखा. वहीं खेती व आधारित रोजगार, खेतों के लिए तालाब गहराईकरण, धान खरीदी केंद्र, गांव विकास आदि विषयों पर उन्होने मार्गदर्शन किया. 

शराबबंदी के मजबूती के लिए कृति कार्यक्रम 

दोनों गांवों के सभा में शराबबंदी मजबूत करने के लिए कृति कार्यक्रम तैयार किया गया. गांव संगठना के माध्यम से गांव से शराब दूर करना, जिले की शराबबंदी अधिक मजबूत करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सहभाग लेना चाहिए. शराबबंदी से जिले के लाभ को ध्यान में कुल 850 गांव शराबबंदी के लिए आगे आए है. शराबबंदी अधिक मजबूत करने के लिए क्या किए जा सकते है, आदि विषयों पर बैठक में चर्चा की गई.