एंबुलेंस लेट, आटो में प्रसूति, मेड़ाराम गांव के समीप घटी घटना

    सिरोंचा. भले ही सरकार और स्वास्थ्य विभाग कोरोना के इस दौर में दर्जेदार स्वास्थ्य सेवा देने का ढिंढोरा पीट रहे हों, लेकिन जिले के दुर्गम और अतिदुर्गम क्षेत्र की  वास्तविकता कुछ और ही बयां कर रही है. अव्यवस्था से जुड़ा एक मामला बीती रात सिरोंचा तहसील में सामने आया है. जहां एक गर्भवती को प्रसव पीढ़ा शुरू होने के बावजूद भी उसे समय पर एंबुलेंस नहीं मिली.

    जिससे  अस्पताल पहुंचाने के लिये ऑटो का सहारा लेना पड़ा. वहीं खस्ता सड़क के चलते अस्पताल पहुंचने में विलंब होकर मेड़ाराम गांव समीपस्थ बीच रास्ते में ही ऑटो में गर्भवती की प्रसूती करनी पड़ी. हालांकि प्रसूती के बाद माता व शिशु को अस्पताल में भर्ती कराया गया. अब दोनों का स्वास्थ्य ठीक है. लेकिन एंबुलेंस के अभाव में एक गर्भवती की प्रसूती ऑटो में विशेषत: अंधेरे में होने से स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यप्रणाली स्पष्ट रूप से सामने आयी है.

    5 घंटों तक करनी पड़ी एंबुलेंस की प्रतीक्षा

    सिरोंचा तहसील के रायपेठा गांव निवासी पद्मा तलांड़ी नामक 32 वर्षीय गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू होने लगी. इस मामले की जानकारी मिलते ही गांव की आशा वर्कर शारदा आसामपल्ली ने गर्भवती के घर में पहुंचकर उसे अस्पताल में भर्ती कराने के लिये एंबुलेंस  के लिये संपर्क किया. प्रसव पीड़ा शुरू होने के बावजूद एम्बुलेंस आने की आस में गर्भवती व उसके परिजन प्रतीक्षा कर रहे थे. लेकिन 5 घंटों की कालावधि बीत जाने के बावजूद भी एम्बुलेंस गर्भवती के घर नहीं पहुंच पायी. आखिरकार आशा वर्कर व गांव के प्रतिष्ठित नागरिक संतोष पडालवार गर्भवती को ऑटो में सवार कर सिरोंचा के ग्रामीण अस्पताल की ओर निकले.

    खस्ता सड़क ने दिया धोखा

    बता दें कि सिरोंचा-आलापल्ली यह हाईवे पूरी तरह खस्ताहाल हो गया है. सड़क पर जहां-तहां गड्डे होने के कारण इस क्षेत्र के लोगों को अपनी जान मुठ्ठी में लेकर सफर करना पड़ता है. ऐसे में सोमवार की रात गर्भवती को प्रसूती के लिये ऑटो से सिरोंचा के ग्रामीण अस्पताल में लाया जा रहा था. लेकिन खस्ता सड़क के चलते अस्पताल पहुंचने में विलंब हुआ. वहीं दूसरी ओर गर्भवती की प्रसूती का समय निकट आने के कारण मजबूरी में ही आशा व महिलाओं को बीच रास्ते में ऑटो में ही गर्भवती की प्रसूती करनी पड़ी. जहां गर्भवती ने एक नवजात को जन्म दिया.

    आविसं पदाधिकारियों ने दिखाई तत्परता

    अंधेरे में बीच मार्ग पर प्रसूती होने की जानकारी आविस के संतोष पड़ालवार को मिली. उन्होंने तत्काल इस मामले की जानकारी आविसं के तहसील अध्यक्ष बानया जनगाम को दी. मामले की गंभीरता समझते हुए उन्होंने सिरोंचा के ग्रामीण अस्पताल के डा. तुकाराम घुटे से संपर्क किया. और तत्काल प्रसूता माता व नवजात शिशु को अस्पताल लाने की सूचना दी.

    जिसके बाद स्वास्थ्य कर्मी मौके पर पहुंचकर माता व शिशु को अस्पताल में भर्ती कराया. इस कार्य के लिये गर्कापेठा के सरपंच सूरज गावड़े, संतोष पडालवार, तिरुपति माणिक्याम, जांपन्ना आसामपल्ली आदि ने परिश्रम किया.