छग के व्यापारी धानोरा तहसील में दाखिल

  • किसानों के सातबारा पर हानेवाले व्यापारियों की धन बिक्री रोके
  • तहसील के किसानों की मांग

गडचिरोली. आदिवासी विकास महामंडल अंतर्गत आनेवाले धानोरा तहसील में 7 केंद्रो को सरकार ने समर्थन मुल्य धान खरीदी करने को मंजूरी दी है. मात्र अबतक इसमें से एक भी खरीदी केंद्र शुरू नहीं हुआ है. जिससे किसान चिंताग्रस्त है. मात्र छत्तीसगढ राज्य के व्यापारियों की उपज मुरूमगांव के केंद्र पर धडल्ले से बेचा जा रहा है. धान बिक्री के लिए व्यापारियों के पास सातबारा कहां से आता है, इस संदर्भ में आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है. व्यापारियों की ओर से किसानों के सातबारा पर होनेवाली धान बिक्री रोके, ऐसी मांग तहसील के किसानों ने की है. 

धानोरा उपप्रादेशिक कार्यालय के तहत आनेवाले 7 आदिवासी विभीन्न कार्यकारी संस्था अंतर्गत जिलाधिकारी के निगरानी में धान खरीदी की जाती है. गडचिरोली जिला यह धान उत्पादक किसानों का जिला है. जिले में धान की खेती व्यापक मात्रा में की जाती है. इस वर्ष भी किसान हल्के, भारी व मध्यम प्रजाति के धान की बुआई की. मात्र तहसील में आविका संस्था शुरू न होने से किसानों को नए संकटों का सामना करना पड रहा है. अडचणों में फंसे किसानों ने फसलों की पिसाई की व्यापारियों को कम किंमतों में अपनी उपज बिक्री कर रहे है. लोगों से उसने लिए पैसे, कुछ लेन-देन, कर्ज इसके साथ दैनदिन जरूरते पूर्ण करने के लिए किसान वित्तीय संकटों में फंसा है. जिससे कम दाम में भी किसान व्यापारियों को धान की बिक्री करने पर विवश हुआ है. किसानों की स्थिती का लाभ उठाकर व्यापारी किसानों की लूट कर रहे है. किसानों की होनेवाली लूट रोकने के लिए किसानों को आधार देने के लिए सरकार समर्थन मुल्य धान खरीदी योजना शुरू की है. प्रतिवर्ष दीपावली के पूर्व शुरू होनेवाले खरीदी केंद्र को सरकार ने अनुमति देने के बावजूद भी दिसंबर माह शुरू हुआ है, मात्र अबतक धानोरा तहसील के एक भी धान खरीदी केंद्र शुरू नहीं हुए है. 

आदिवासी विभिन्न कार्यकारी सहकारी संस्थाओं ने प्रत्यक्ष धान खरीदी शुरू नहीं की है. मात्र खरीदी शुरू करने की बात कहते हुए किसानों को सातबारा व अन्य दस्तावेज लेकर ऑनलाईन पंजियन के लिए बुलाया जा रहा है. मात्र किसानों को कोई भी टोकण क्रमांक दिए बिना केवल दस्तावेज लिए जा रहे है. जबतक खरीदी की गई उपज उठाई नहीं जाती, तबतक धान खरीदी नहीं की जाएगी, ऐसी भूमिका संस्थाओं ने ली है. जिससे किसान व्यापक त्रस्त हुआ है. खरीदी का कालावधि 15 दिनों तक टला तो समर्थन मुल्य नहीं मिलेगा तथा बोनस की राशी भी नहीं मिलेगी. 

केवल 24 क्विंटल हेक्टेयर की मर्यादा

इस वर्ष समर्थन मुल्य खरीदी केंद्रो पर किसानों को एकड 9 क्विंटल तो हेक्टेयर 25 क्विंटल की मर्यादा निश्चित की है. जिससे अन्य धान क बिक्री कहां करे, ऐसा सवाल किसानों के समक्ष निर्माण हो रहा है. पहले ही 25 प्रश से भी कम उत्पादन होने से किसान वित्तीय संकटों में फंसा है. 

जल्द शुरू करेंगे खरीदी केंद्र 

धानोरा तहसील के रांगी, धानोरा, मोहली, सोडे, दूधमाला,   चातगाव तथा कारवाफा इस केंद्र को मंजूरी दी होकर उक्त केंद्र पर सरकार की ओर से काटा, पोते व सुतली धान केंद्र पर पहुंचाया गया है. जिससे उक्त धान खरीदी केंद्र शुरू करने में कोई दिक्कत नहीं होने की जानकारी उपप्रादेशिक कार्यालयातील चौधरी ने दी है.