शराबबंदी हेतु नागरिकों के सहयोग की आवश्यकता-गिल्डा, कुनघाडा रै. में लिया कोरोना जायजा बैठक

    गड़चिरोली . जिले में शराबबंदी होने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र में अवैध रूप से शराब बिक्री शुरू है. किंतू इस ओर पुलिस प्रशासन की अनदेखी होने की बात नागरिकों द्वारा कहीं जा रही है. शराबबंदी यह केवल पुलिस प्रशासन की ही जिम्मेदारी न होकर नागरिकों भी जिम्मेदारी है. जिससे शराबबंदी के लिए पुलिस प्रशासन को सहयोग करने की आवश्यकता है, ऐसा कथन गड़चिरोली के उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रणील गिल्डा ने किया. 

    चामोर्शी के पंचायत समिति अंतर्गत आनेवाले ग्राम पंचायत कुनघाड़ा रै. भेट देने पर कोरोना जायजा बैठक में वे बोल रहे थे. इस समय चामोर्शी के पुलिस निरीक्षक बिपीन शेवाले, सरपंच अल्का धोडरे, उपसरपंच अनिल कुनघाडकर, पुलिस पटेल शृंगारपवार, ग्रामविकास अधिकारी मुले, पूर्व ग्रापं सदस्य उमेश कुकडे आदि उपस्थित थे. एसडीपीओ गिल्डा ने आगे बताया कि, गड़चिरोली यह विस्तार से बड़ा जिला होकर आदिवासी बहुल जिले के रूप में परिचित है.

    जिले में किसी तरह के उद्योग नहीं होने से खेती यही प्रमुख व्यवसाय है. वर्ष 1993 से जिले में शराबबंदी लागू हुई है. मात्र जिले के ग्रामीण क्षेत्र में अन्य व्यवसाय को गति न मिलते हुए शराब जैसे अवैध व्यवसाय को गति मिल रही हे. कुनघाड़ा परिसर के कुनघाड़ा, तलोधी, नवेगाव, जोगणा, येडानूर, पावीमुरांडा, भांढरी, भटाल, रावनपल्ली, लसनपेठ, नवरगावमी गिलगाव, चित्तेकन्हार, भेंडीकन्हार समेत परिसर के अन्य ग्रामीण क्षेत्र में महुआ फुल की शराब निकालकर वह बेची जाती है.

    वहीं देशी व विदेशी शराब भी बड़ी मात्रा में बेचे जाने की जानकारी प्राप्त हुई है. किंतू नागरिक शराब जैसे अवैध व्यवसाय को बढ़ावा न देते हुए शराबबंदी के लिए सहयोग करे, ऐसा आह्वान किया.

    कोरोना से बचाव करने हेतु प्रतिबंधात्मक टीका यहीं एकमात्र उपाय होकर आगामी तिसरे लहर से स्वयं को बचाने तथा स्वयं के परिवार को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक नागरिक टिका लगाने हेतु आगे आए, ऐसा आह्वान भी उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रणील गिल्डा ने किया.