ठेका वाहन चालक, सफाई कामगारों पर भुखमरी की नौबत, 13 माह से मानधन बकाया

गड़चिरोली. जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत ठेका पद्धति के वाहन चालक व सफाई कामगारों के विगत 13 माह से मानधन बकाया है. उनके परिवारों पर भुखमरी की नौबत आयी है. बकाया मानधन व 2 वर्षों का ईपीएफ खाते मिलने के लिए प्रयास करने की मांग ठेका वाहन चालक व सफाई कर्मियों ने जिप अध्यक्ष से की है.

जिप के स्वास्थ्य विभाग के ठेका वाहन चालक व सफाई कर्मी का मई 2018 से 15 नवंबर 2019 तक स्वयंरोजगार ग्राहक सेवा सहकारी संस्था अहेरी को तथा 16 नवंबर 2019 से 30 जून 2020 तक मानवसेवा बहुउद्देशीय बेरोजगार सहकारी संस्था नागपुर को व 2 जुलाई 2020 से अबतक रयत स्वयंरोजगार सेवा सहकारी संस्था नाशिक को ठेका दिया है. उक्त संस्था की ओर से वाहन चालक व सफाई कर्मचारियों को नियुक्ति दी गई. कोरोना वायरस से विश्व में हाहाकार मचाया है, ऐसे में स्वास्थ्य सेवा जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए सभी कर्मचारी मुख्यालय में रहकर मरीजों को सेवा दे रहे हैं. इसके बावजूद उन्हें अगस्त 2019 से अगस्त 2020 तक का कुल 13 माह का मानधन अब तक नहीं मिला है. अल्प मानधन पर काम करने के बावजूद 13 माह से मानधन नहीं मिलने से उनके परिवारों पर भुखमरी की नौबत आयी है.

दिया जाता है अल्प मानधन

सरकार की ओर से ठेकेदार संस्था को वाहन चालक के मानधन के लिए 14,104 रु. व सफाई कर्मियों के मानधन के 16,370 राशि अदा की जाती है. लेकिन संबंधित संस्था की ओर से वाहन चालकों को 8,200 रुपये व सफाई कामगारों को 9,200 रु. मानधन दिया जा रहा है. इतना कम मानधन मिलने के बावजूद विगत 13 माह से मानधन नहीं मिलने से निरंतर ठेकेदार संस्था तथा स्वास्थ्य विभाग के संबंधित यंत्रणा से पूछताछ करने पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई. मंजूर मानधन से कम राशि मिलने संदर्भ में पूछताछ करने पर मानधन से ईपीएफ राशि कटौती किए जाने की बात कहीं जाती है. लेकिन संबंधितों द्वारा अब तक ईपीएफ खाते में जमा राशि का विवरण नहीं दिया गया है. 2 जुलाई 2020 से अब तक रयत स्वयंरोजगार सेवा सहकारी संस्था नाशिक को वाहन चालक के लिए सरकार की ओर से मासिक मानधन 19667 रुपये व सफाई कामगारों को मासिक मानधन 16993 रुपये संस्था को अदा की जा रही है. मात्र इस संस्था द्वारा भी बिते संस्था की तरह की अल्प मानधन दिया जा सकता है.

सीधे नियुक्ति दें

वाहन चालक व सफाई कामगारों ने कहा कि 13 माह से बकाया मानधन व ईपीएफ खाते क्रमांक दिलाने के लिए मदद करने तथा ठेका कर्मियों की समस्या को देखते हुए बाह्यस्त्रोत संस्था द्वारा नियुक्ति न देते हुए जिप के स्वास्थ्य विभाग अथवा एनआरएचएम में ठेका पद्धति से सीधे नियुक्ति दें जिससे हमारा मानधन समय पर मिलेगा. इससे भुखमरी की नौबत भी नहीं आएगी.