cotton purchage center
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चामोर्शी: दिन-ब-दिन जिले में कपास का क्षेत्र बढ़ रहा है. मगर सरकारी समर्थन मूल्य कपास खरीदी केंद्र नहीं होने से कपास उत्पादक किसानों को घाटा सहते हुए निजी व्यापारियों को अपनी उपज बेचनी पड़ रही है. सरकार वर्ष 2020-21 के लिए सरकारी समर्थन मूल्य कपास खरीदी केंद्र को जिले में मंजूरी देकर वह तत्काल शुरू करें. ऐसी मांग कृषि उपज बाजार समिति के सभापति अतुल गण्यारपवार ने जिलाधिकारी से ज्ञापन द्वारा की है. 

आकांक्षित नक्सलग्रस्त वनव्याप्त पिछड़े गड़चिरोली जिले में खरीफ सीजन 2020-21 में जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी के रिकॉर्ड के अनुसार जिले में 15,048 हे. आर क्षेत्र में कपास बुआई का पंजीयन है. इसके तहत करीब 10 लाख क्विंटल कपास उत्पादित होने वाला है. बीते सीजन 2019 में गड़चिरोली जिले के चामोर्शी तहसील के अनखोड़ा में स्थित आस्था जीनिंग एन्ड प्रेसिंग में महाराष्ट्र राज्य सहकारी कपास उत्पादक महासंघ मुंबई विभागीय कार्यालय वणी के मार्फत सरकारी समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र मंजूर होकर सुव्यवस्थित रूप से कपास खरीदी हुई. गड़चिरोली जिले के गरीब कपास उत्पादक किसानों को व्यापक लाभ हुआ. इस वर्ष खरीफ सीजन 2020-21 के लिए सरकार बीते सीजन की भांति कपास खरीदी केंद्र मंजूर करे. ऐसी मांग कृउबास सभापति अतुल गण्यारपवार ने ज्ञापन से की है. 

जिले में एक भी केंद्र नहीं 

सरकार के कपास खरीदी केंद्र मंजूर सूची में गड़चिरोली जिले में एक भी केंद्र मंजूर नहीं किया गया है. चंद्रपुर जिले में 8 से 10 केंद्र मंजूर किए गए हैं. पिछड़े गड़चिरोली जिले में 15048 हे.आर क्षेत्र में कपास की बुआई की गई इससे करीब 10 लाख क्विंटल उत्पादन होने वाला है. लेकिन जिले में एक भी कपास खरीदी केंद्र मंजूर नहीं किया गया है. जिससे यह जिले के गरीब कपास उत्पादक किसानों पर हुआ बड़ा अन्याय है. 

आंदोलन की चेतावनी

गड़चिरोली जिले में एकमात्र जीनिंग आस्था जीनिंग एंड प्रेसिंग अनखोड़ा में सरकार के समर्थन मूल्य कपास खरीदी केंद्र 5 दिसंबर तक मंजूर करें. अन्यथा गड़चिरोली जिले के कपास उत्पादक किसान अपने न्याय व अधिकारों को लेकर 7 दिसंबर से जगह-जगह चक्काजाम आंदोलन करेंगे. दिन-ब-दिन कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है. ऐसे में किसानों को आंदोलन करने की नौबत आना यह गंभीर बात है. गण्यारपवार ने मांग की है कि सरकारी स्तर पर अपने माध्यम से प्रयास कर सरकारी समर्थन मूल्य केंद्र मंजूर करें.