दस्तक: धान से भरे ट्रैक्टर लेकर किसान पहुंचे तहसील कार्यालय पर,गोदाम के लिए किसानों का अनोखा आंदोलन

    आरमोरी. खरीफ सीजन के धान की प्रशासन ने अबतक उचल नहीं करने से गोडाउन के अभाव में किसानों की धान बिक्री प्रभावित हुई है. जिससे संतप्त किसानों ने सोमवार को धान से लदे ट्रैक्टर लेकर सिधे तहसील कार्यालय पर दस्तक दी. तहसील कार्यालय में धान बिक्री के लिए ले जाकर प्रशासन का ध्यानाकर्षण किया. जिला आदिवासी कांग्रेस के सचिव दिलीप घोडाम के नेतृत्व में किए गए किसानों के इस अनोखे आंदोलन की सुध लेकर तहसीलदार ने गोडाउन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. 

    नहीं उठाया खरीफ सीजन का धान 

    इस वर्ष खरीफ सीजन में खरीदी किया गया धान सरकार द्वारा अबतक नहीं उठाया गया है. जिससे गोडाउन हाउसफुल है. ऐसे में इस वर्ष किसानों ने रबी सीजन में भी बड़ी मात्रा में धान फसलों की बुआई की थी. उत्पादन भी अच्छा खासा हुआ. जिससे अनेक किसानों ने अप्रैल व मई माह में धान बिक्री हेतु खरीदी-बिक्री सहकारी संस्था की ओर ऑनलाइन पंजीयन किया था.

    इस दौरान गोडाउन की कमी संस्था को खलने लगी. जिससे धान की खरीदी प्रभावित हुई है. बीते खरीफ सीजन में किसानों को व्यापक घाटा सहना पड़ा था. फिर भी किसानों ने हिम्मत रखकर रबी धान की बुआई की. उत्पादन भी समाधानकारक आया. मात्र धान की बिक्री करते समय सरकार के नियोजनहीन कार्य का किसानों को फटका लगा. 

    किसानों के घरों में है धान

    किसानों ने उपज की बिक्री करने के लिए ऑनलाइन पंजीयन किया है. गोडाउन हाउसफुल होने से किसानों का धान घर पर ही पड़ा है. तहसील के 200 से अधिक किसान उपज बिक्री के प्रतीक्षा में है. इस ओर सरकार का ध्यानाकर्षण करने के लिए तहसील के किसानों कने जिला आदिवासी कांग्रेस के सचिव दिलीप घोड़ाम के नेतृत्व में तहसील कार्यालय पर धान से भरा ट्रैक्टर लेकर बिक्री हेतु पहुंचे.

    वहीं किसानों ने तहसीलदार कल्याण कुमार डहाट की ओर ज्ञापन पेश करते हुए गोडाउन उपलब्ध कराने तथा प्रलंबित किसानों के धान समय के पूर्व खरीदी करेन की मांग की. आंदोलन में खरीदी बिक्री संस्था के अध्यक्ष मनोज मने, प्रबंधक अक्षय माकडे, डा, संजय ठेंगरे, अक्षय भोयर, राजु घोडाम, कार्तिक मातेरे, पुषोत्तम मैन्द, बाजीराव सयाम, गिरीधर घोडाम इनके साथ सैंकड़ों किसान सहभागी हुए थे. 

    तहसीलदार ने दिया आश्वासन 

    तहसील के किसानों ने अनोखा आंदोलन कर प्रलंबित किसानों के धान की खरीदी करने की मांग की. इस दौरान तहसीलदार कल्याणकुमार डहाट ने वरिष्ठों की ओर चर्चा कर गोडाउन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. जिससे आंदोलन समाप्त किया गया.