चामोर्शी में स्वर्गरथ, दमकल वाहन की प्रतिक्षा, अनेक वर्षो की मांग कब होगी पूरी

चामोर्शी. चामोर्शी शहर को नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त हुआ. मात्र शहरवासीयों की विगत अनेक वर्षो की स्वर्गरथ व दमकल वाहन की मांग अब भी प्रलंबित ही है. नगर पंचायत के नियोजनशुन्य कारभार से उक्त मांग अब भी धुल कर रही है. जिससे नपं का कालावधि पूर्ण होने के पूर्व आगामी 2 माह में उक्त दोनों समस्याएं हल करने की मांग शहरवासियों द्वारा की जा रही है. 

तत्कालीन सरकार ने तहसील मुख्यालय होनेवाले ग्राम पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा दिया. जिसके अनुसार 24 अप्रैल 2015 को ग्रामपंचायत का रूपांतर होकर नगरपंचायत की स्थापना की गई. जिससे शहर विकास के प्रती जनता की अपेक्षाएं बढ गई. मात्र विगत अनेक वर्षो से प्रलंबित स्वर्गरथ व दमकल वाहन की मांब अपूर्ण रही है. नपं प्रशासन के नियोजनशुन्य कारभार से चामोर्शी के नागरिक इस 2 सुविधाओं से वंचित है. शहर की जनसंख्या ब 25 हजार के आसपास होकर इसमें 17 प्रभाग है. शहर के जनता को मृतक व्यक्तियों पर अंतिम संस्कार करने के लिए 5 किमी की दूरी तय कर वैनगंगा नदी के लोंढोली घाट पर जाना पडता है.

नगर पंचायत की ओर स्वर्गरथ उपलब्ध नहीं होने से अनेक समस्याओं का सामना करना पडता है. फिलहाल कोरोना महामारी संकट होने से स्वर्गरथ की व्यापक आवश्यकता है. वर्तमान नगर पंचायत के सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के लिए 2 माह का अवधि बाकी है. शहर में नालियां, सडके निर्माण आदि विकासकार्य किए गए है. मात्र बुनियादी सुविधाओं की ओर अनदेखी करते हुए स्वर्गरथ व दमकल वाहन उपलब्ध कराने में नगर पंचायत को सफलता नहीं मिली है. 

नगरपंचायत प्रशासन की ओर दमकल वाहन उपलब्ध नहीं होने से खासकर धुपकाले में होनेवाले आग की घटनाओं पर अंकुश लगाने में दिक्कते हो रही है. शहर के साथ परिसर में आग की घटनाएं घटने पर तत्काल उपाययोजना कर आग पर नियंत्रण पाने में दमकल वाहन महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. इस माध्यम से होनेवाली वित्तहानी व जिवितहानी कुछ मात्रा में टाली जा सकती है. वहीं शहर में गैस एजन्सी, पेट्रोल पंप इन ज्वलनशील पदार्थो की खरीदी बिक्री होती है. जिसेस अचानक घटना होने पर अडचण निर्माण हो सकती है. नगर पंचायत प्रशासन इस गंभीर समस्या का विचार करे, ऐसी मांग हो रही है. 

गांव के अन्य बुनियादी जरूरत के साथ शहरवासीयों के को स्वर्गरथ व दमकल वाहन की प्रतिक्षा है. इस सुविधा के अभाव में शहरवासीयों को अब भी विभीन्न समस्याओं का सामना करना पड रहा है. जिससे नगर पंचायत का कालावधि पूर्ण होने के पूर्व आगामी 2 माह में यह दोनों सुविधाएं उपलब्ध कराएं ऐसी मांग हो रही है.