सौरऊर्जा के बल पर किसान बना आत्मनिर्भर

  • खेतों में ले रहा सब्जीयों का उत्पादन
  • कान्होली के किसान का प्रयोग

चामोर्शी. किसानों के खेतों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने पर जरूरत के अनुसार फसलों को पानी देकर फसलों के माध्यम से व्यापक उत्पादन लिया जा सकता है. इसके लिए कान्होली के किसान विजय गोहणे ने एक वर्ष पूर्व सौरऊर्जा प्लैंट खेत में लगाया था. जिससे उसे खेतों में पंप की सहाय्यता से सिंचाई करना सुविधाजनक हुआ. फिलहाल किसान विजय गोहणे ने सौरऊर्जा प्लेट लगाकर बिजली की बचत करते हुए सब्जीवर्गीय फसलों की बुआई की है. उसकी फसलें लहरा रही है. इस माध्यम से उक्त किसान आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढाने की बात कहीं जा रही है. 

किसानों को बिजली वितरण कंपनी की ओर से कृषि पंपो को बिजली आपूर्ति की जाती है. इसके लिए किसानों को बिजली बिल का भुगतान करना पडता है. इससे बचते हुए कान्होली के किसान विजय गोहणे ने अपने खेत में सौरउर्जा प्लेट लगाकर प्रकृति के उर्जा का उपयोग करते हुए खेतों में करीब 1 साल पूर्व सौरउर्जा प्लांन्ट लगाया. इस माध्यम से उसने खेतों का पंप शुरू किया. सौरउर्जा लगाने के लिए उन्हे केवल 17 हजार रूपये खर्च करना पडा. बाकी का सभी खर्च सरकार की ओर से किया गया. जिससे अब उसके खतों में पानी की गंगा बहती है. किसान गोहणे ने फिलहाल सब्जीवर्गीय फसलों की बुआई की होकर इस माध्यम से अच्छा उत्पादन मिलने की आंस है. केवल बरसात के कुछ माह छोडे तो अन्य माह में सौरउर्जा प्लेट लाभकारी होने की बात उसने बताई है. 

किसान योजनाओं का ले लाभ 

इस वर्ष वातावरण में बदलाव होने से अडचणें महसूस हुई. मात्र सुर्यप्रकाश मिला तो सरलता से निशुल्क बिजली सुविधा उपलब्ध होकर इसका लाभ किसानों को हो सकता है. इसके लिए किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए स्वयं आगे आने की आवश्यकता है. सरकार की ओर से मिलनेवाली सौरऊर्जा योजना किसानों के लिए संजिवनी साबित हो सकती है. जिससे किसान सौरऊर्जा की मदद से खेतों में निशुल्क बिजली की सुविधा उपलब्ध कराएं, ऐसा आह्वान किसान गोहणे ने किया है.