खाद को तरस रहे किसान, फसलों को लेकर चिंतीत

  • दर दर भटकने मजबूर अन्नदाता

सिरोंचा. तहसील के  अन्नदाता इन दिनों खाद की किल्लत से परेशान है। खाद के अभाव में  अपनी फसल को लेकर अन्नदाता चिंतीत हो रहे है। उनकी माने तो बीते पखवाड़े भर से तहसील में  खाद की किल्लत बनी हुई है।  इस ओर अब तक प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया है। जिससे समस्या विकराल रुप लेती जा रही है। जीविका का एकमात्र जरिया कृषि है। उस पर खाद की किल्लत से फसल प्रभावित होने की बात कही जा रही है। खाद की कालाबाजारी की खबरें भी सुनने को मिलने लगी है।

सिरोंचा तहसील जो की कृषि प्रधान इलाका है। जहां की अधिकांश आबादी कृषि पर आधारित है। एक तो सीमित संशोधनों एवं सिंचाई सुविधाओं के अभाव मे कृषि की जा रही है। मगर समय पर खाद की आपूर्ति नहीं होने से अन्नदाता हलाकान हो रहे है। जानकारी के अनुसार तहसील के विभिन्न क्षेत्रों मे बीते पखवाड़े भर से खाद की किल्लत बनी हुई है। मगर अब तक प्रशासन इस ओर ध्यान न देने का आरोप किसानों ने किया है।

तहसील में  इन दिनों कपास, धान बहुतायात मात्रा पैदा कि जाने वाली फसलें है। हाल का समय फसलों मे खाद की नितांत आवश्यकता है। मगर आपूर्ति के आभाव मे फसल प्रभावित होने का अनुमान जताया जा रहा है। वहीं जानकारी मिल रही है की बाजार में खाद बीज के विक्रेता किसानों को यूरिया के जगह डीएपी ग्रोमोर लेने को कह रहे है।जो की ज्यादा कीमत की है। इसको लेना हर किसी की बात नहीं होने की बात कही जा रही है। कुछ  एक जगह पर 320 की यूरिया कालाबाजारी कर 400 एवं उससे भी ज्यादा कीमत पर बेचे जाने की बात कही जा रही है। इसकी सत्यता जिम्मेदार विभाग ही जानें। 

खाद कि किल्लत से परेशान किसान अब खाद के लिए तेलंगाना की ओर रुख कर रहे है । इससे उन्हे महामारी का ड़र भी सताने लगा है। 

प्रयास जारी है   

इस संदर्भ में स्थानीय कृषि अधिकारी जे. पी. दोंदे से बात की गयी तो उन्होने  कहा कि खाद की किल्लत को दूर करने को लेकर विभाग प्रयासरत है। मांग पत्र भेजा गया है। यूरिया के परिवहन के दिशा मे तहसील की दूरी ज्यादा होना भी एक वजह है। जहां परिवहन दूरी ज्यादा होने के कारण निर्धारित कीमत पर पहुंच नही पा रहा है। खाद की किल्लत की समस्या को बहुत जल्द दूर हो जाएगी।