फसल समेटने के लिए किसानों की भागदौड़

  • बदरीले मौसम का परिणाम

चामोर्शी. तहसील में खरीफ सीजन में बुआई की गई धान फसलों की कटाई व बोझ बांधने का कार्य जोरों से शुरू है। वातावरण में बदलाव होकर बदरीला मौसम दिखाई दे रहा है। जिससे किसानों द्वारा फसलों को समेटने में मशक्कत करनी पड रही है।  ऐसे में मजदूरों की कमी किसानों के लिए सिरदर्द बना है। 

तहसील में मुख्य रुप से धान की फसल ली जाती है। किसान हल्के, मध्यम व भारी धान की पैदावार करते है। हल्के व मध्यम प्रजाति के धान फसलों की कटाई व बांधने का कार्य पूर्ण हुआ है। वहीं अब भारी धान फसलों की कटाई व बांधनी के कार्य में गति आई है। धान फसलों की कटाई व बांधनी का कार्य गुट पद्धती से किया जाता है। जिससे प्रत्येक गुट साधारण 50 एकड कटाई व बांधनी का कार्य करते है। प्रत्येक गांवों में एक ही समय में धान कटाई का कार्य शुरू होने से मजदूर मिलना दुर्लभ हुआ है।

कुछ मजदूर दिनभर मजदूरी से कार्य पर जाते है। पुरूष मजदूर को प्रति दिन 300 रूपये तो महिला मजदूरों को 150 रूपये मजदूरी दी जाती है। फिर भी मजदूर नहीं मिल रहे है। जिससे अनेक किसान दूसरे गांव से मजदूर लाकर कार्य कर रहे है। इसके लिए किसानों को यातायात का अधिक खर्च आता है। फिलहाल कटाई के कार्य 75 फीसदी हुए है। वहीं बांधनी का कार्य भी जारी है। किंतु मजदूर न मिलने से किसानों के समक्ष समस्याएं आ रही है।