पुलिया के निर्माण में वन विभाग का ब्रेक ?

  • भामरागढ के पर्लकोटा नदी पर के पुलिया निर्माण ठंडे बस्ते में
  • तहसील के नागरिकों की बरसात की मशक्कत रहेगी कायम ?

भामरागढ. प्रतिवर्ष बरसात के दिनों में पर्लकोटा नदी पर के पुलिया पर आनेवाले बाढ के कारण भामरागढ तहसीलवासियों को होनेवाली परेशानियों के मद्देनजर सरकार ने पर्लकोटा नदी पर नए पुलियां के निर्माण को मंजूरी प्रदान की है. स्थानीय प्रशासन द्वारा जल्द ही इस पुलियां के निर्माण को शुरूआत होने की बात कहीं जा रही है. मात्र अबतक उक्त निर्माणकार्य को शुरूआत न होने से तहसीलवासियों की प्रतिक्षा कायम है. ऐसे में वनविभाग के कानुन व नियम अडंगा बनने से इस नवनिर्मित पुलियां को वनविभाग का ब्रेक लगने की बात कहीं जा रही है. जिससे तहसीलवासियों को बरसात के दिनों में प्रतिवर्ष होनेवाली मशक्कत इस बार भी कायम रहने की संभावना व्यक्त हो रही है. 

भामरागढ से सटकर होनेवाले पर्लकोटा नदी पर के नए पुलियां की मांग विगत अनेक वर्षो से तहसीलवासियों द्वारा हो रही है. निरंतर प्रयास के पश्चात सरकार ने पर्लकोटा नदी पर नए पुलियां को मंजूरी प्रदान की. इस दौरान पूर्व राज्यमंत्री तथा विधायक धर्मरावबाबा आत्राम इनके उपस्थिति में इस नवनिर्मित पुलियां के निर्माणकार्य का भूमिपुजन किया गया. इस भूमिपुजन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी ने ऑनलाईन उपस्थिती दर्शायी थी. पर्लकोटा नए पुलियां के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने के चिन्ह दिखाई दे रहे है.

भामरागढ तहसीलवासियों में आनंद का वातावरण निर्माण हुआ था, ऐसे में वनविभाग ने इस कार्य में रूकावटे लाने की जानकारी है. अनेक वर्षो से पर्लकोटा नदी पर के नए पुलियां का निर्माणकार्य जल्द ही शुरू किए जानेवाला है, ऐसी बात सरकार व प्रशासन स्तर से कहीं जा रही है. मात्र पुलिया के निर्माण को अबतक शुरूआत न होने से नए पुलियां निर्मिती का कार्य ठंडेबस्ते में पडने की संभावना व्यक्त हो रही है. . 

भामरागढ तहसील के कुछ मिटर की दूरी पर होनेवाले पर्लकोटा नदी को प्रतिवर्ष बरसात में के दौरान बाढ की स्थिती निर्माण होने का अनुभव तहसीलवासियों का है. मात्र इस वर्ष के बरसात में आए बाढ के कारण भामरागढवासियों की क्या स्थिती हुई इसकी प्रचिती समुचे महाराष्ट्र ने देखी है. जिससे पर्लकोटा नदी पर नए उंचे पुलियां की मांग आवश्यक है. मात्र सरकार व प्रशासन के अनास्था से इस नवनिर्मित पुलियां का प्रश्न हल होगा की नहीं ऐसा संदेह भामरागढ के लोगों में उपस्थित हो रहा है. ऐसे में वनविभाग के कानुन रूकावटे बनने से पर्लकोटा नदी पर के नए पुलियां की प्रतिक्षा अब भी कायम है. 

नागरिकों ने दी वनविभाग के कार्यालय पर दस्तक 

एक ओर सरकार पुलियां के निर्माण को मंजूरी देते ही है, तो दुसरी ओर सरकार के अधिनस्त होनेवाला वनविभाग अडंगा बन रहा है. जिससे नागरिकों में सरकार व प्रशासन के प्रति व्यापक रोष व्यक्त हो रहा है. अगर सरकार ही सरकार के विकासकार्यो में रूकावट बर रहा है, तो सरकार को कोनसे उद्देश की पूर्ति करनी है, ऐसा सवाल उपस्थित करते हुए शनिवार 12 दिसंबर को विभीन्न दलों के कार्यकर्ते व महिला समाजसेविका तथा ग्रामीण भामरागढ वनविभाग के कार्यालय पद दस्तक दी. इस समय उपवनसंरक्षक बिलोलीकर से ग्रामीणों ने चर्चा की. इस समय उन्होने हाल ही में पदभार स्विकारने की बात कहते हुए इस संदर्भ में संपूर्ण जानकारी नहीं होने की बात कहीं. आगामी 8 दिनों में विस्तृत जानकारी मिलेगी, ऐसा आश्वासन उन्होने दिया. 

ठेकेदार वापिस जाने के तैयारी में

सरकार ने पर्लकोटा नदी पर के नए पुलियां के निर्माण को मंजूरी प्रदान की. इसके पश्चात भूमिपुजन का कार्यक्रम भी संपन्न हुआ. पर्लकोटा नदी पर के पुलियां का कार्य शुरू करने के लिए संबंधित ठेकेदार ने विगत 8 माह पूर्व बडे बडे मशिने व यंत्रसामग्री भामरागढ में दाखिल की. मात्र वनविभाग के नियम व कानुन से त्रस्त होकर उक्त ठेकेदार वापिस जाने के तैयारी में होने की बात कहीं जा रही है. जिससे पर्लकोटा नदी पर के नए पुलियां का कार्य होगा की नहीं ? ऐसी चर्चा लोगों में शुरू है.