गडचिरोली में बनेगा मेडिकल कालेज, सांसद नेते ने रखी गडचिरोली स्वास्थ्य समस्याएं

    नागभीड़: देश में पिछडे और आदिवासी क्षेत्र में मलेरिया जैसी घातक बीमारी के उपाययोजना के संबंध में तारांकित प्रश्न संख्या 344पर चर्चा करते हुए सांसद अशोक नेते ने अतिदुर्गम, आदिवासी बहुल, अत्यंत पिछड़े, नक्सल प्रभावित गडचिरोली_चिमूर संसदीय क्षेत्र में अपूर्ण स्वास्थ्य सविधा की ओर सदन का ध्यान आकर्षित किया. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने गडचिरोली जिले में मेडिकल कालेज बनाये जाने की जानकारी दी.

    गडचिरोली-चिमूर संसदीय क्षेत्र के गरीब, आदिवासी नागरिकों के लिए मलेरिया, कैन्सर, हदयरोग, किडनी लीवर, हैपेटाईटिस बी आदि दुर्लभ बीमारी पर उचित उपचार के लिए अत्याधुनिक सुविधा जिले में उपल्ब्ध नहीं इसके चलते इन रोगों के उपचार के लिए गरीब नागरिकों को नागपुर में जाना पड़ता है.

    मात्र नागरिकों की आर्थिक स्थिति नाजुक होने से उन्हें नागपुर जाकर उपचार करना संभव नहीं हो पाने से अधिकांश मामलों में गरीब परिवार में उपचार अभाव में मौतें होती है.जो गंभीर चिंता का विषय है इस बीमारी पर नियंत्रण रखने के लिए ठोस उपाययोजना तथा उचित निर्णय लेने की मांग सांसद अशेाक नेते ने लोस में स्वास्थ्य विषय पर चर्चा में की.

    सांसद नेते ने गरीब आदिवासी नागरिकों के गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आदिवासी बहुल क्षेत्र गडचिरोली में मेडिकल कालेज मंजूर कर स्वास्थ्य सुविधा प्रशस्त करने की मांग की. चर्चा का उत्तर देते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार सम्पूर्ण देश भर में स्वास्थ्य सेवा पर विशेष ध्यान दे रही है.

    मोदी सरकार ने पहली बार वैज्ञानिक पध्दति से सर्वेक्षण कर बुनियादी के अभाव वाले देश के 112 जिलों में रेखांकित किया है एनएचएम के माध्यम से यहां बुनियादी सुविधा मुहैया करायी जाएगी. पिछले टम के पांचवें वर्ष में 157 मेडिकल कालेज देश में शुरू किए गए और पिछले वर्ष 75 कालेज मंजूर किए जाने की जानकारी उन्होने दी. साथ आकांक्षित जिले में तथा आदिवासी बहुल जिले में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा निर्माण करने का प्रयास केन्द्र स्तर पर शुरू है. शीघ्र तकनीकीज्ञान युक्त अत्याधुनिक अस्पताल यहां बनाया जाएगा.