प्रत्यक्ष नुकसान का फसल निहाय मुआवजा दें

  • शेतकरी कामगार पक्ष की केंद्रीय दल को सौंपा ज्ञापन

गडचिरोली. वैनगंगा नदी में आई  भयावह बाढ के लिए गोसीखुर्द बांध का प्रशासन तथा महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश सरकार का आपसी समन्वय का अभाव है। जिससे नैतिकता की दृष्टि से इस कृत्रिम बाढ की जिम्मेदारी सरकार लेकर इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई करे, प्राकृतिक आपदा के निषक के बजाए प्रत्यक्ष हुए नुकसान का फसलनिहाय मुआवजा देने की मांग अन्यायग्रस्त किसानों की ओर से शेतकरी कामगार पक्ष ने केंद्रीय दल से की है। 

गडचिरोली के स्थानीय सर्किट हाऊस शेतकरी कामगार पक्ष के प्रदेश सचिव मंडल सदस्य तथा जिला सचिव रामदास जराते, जिला कैशियर शामसुंदर उराडे, जिला सह सचिव रोहिदास कुमरे, संजय दुधबले, महिला नेता जयश्री वेलदा, शेकाप के युवा जिलाध्यक्ष अक्षय कोसनकर के प्रतिनिधि मंडल ने जिले में बाढग्रस्त नुकसान का मुआयना करने के लिए आए केंद्रीय दल के सदस्य आर. बी. कौल व तुषार व्यास की भेंट कर चर्चा की और विभिन्न मांगो का ज्ञापन सौंपा. 

कृत्रिम बाढ का पानी तथा मलबे, कीचड से बर्बाद हुए धान फसलों के नुकसान के चलते सरकार समर्थनमूल्य के हिसाब से 50 हजार रूपये एकड वित्तीय मदद करें,  खेतों के तुअर के नुकसान के लिए 60 हजार रूपये एकड, कपास को 66 हजार रूपये, सोयाबीन को 58 हजार रूपये नुकसान भरपाई की मांग की है। किसानों के खेत तालाब, नहर, तालाब की मछलिया बह जाने से मछलियों के नुकसान के चलते 1 लाख 50 हजार प्रति एकड के हिसाब से नुकसानग्रस्त किसान, मछुआरा सहकारी संस्था को नुकसान भरपाई की मांग की है।