मौसमी बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

  • अधिकांक्ष क्षेत्र सीमावर्ती होने से अधिक खतरा

सिरोंचा. बरसात के आते ही मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग का महत्व बढ़ जाता है. आज के हालातों में जहां समूचा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है. ऐसे में मौसमी बीमारियों की दस्तक के खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग को दोहरी भूमिका अदा करनी होगी. इसके लिए लिए स्थानीय स्वास्थ्य महकमा कमर कस चुका है. जबकि तहसील के अधिकांश क्षेत्र पड़ोसी राज्यों की सीमाओं से सटे हुए सीमावर्ती क्षेत्र हैं. वहीं पड़ोसी राज्य तेलंगाना में भी राज्य की भांति कोविड़ मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को बेहतर कार्यकुशलता का परिचय देना होगा. 

बेहतर परिणाम देने के लिए तैयार
तहसील में बरसात के आते ही मौसमी बीमारियां अपने पैर पसारना आरंभ कर देती है. आज के हालातों में कोरोना के संक्रमण के खतरे से स्वास्थ्य विभाग महत्वपूर्ण भूमिका अपनाते हुए फ्रेंटवारियर्स का किरदार निभा रहा है. मौसमी बीमारियों के दस्तक की खतरे से स्थानीय स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध स्टाफ एवं संसाधनों के बलबूते अपने कार्यकुशलता का परिचय किस तरह देती है, यह देखने वाली बात होगी. मौसमी बीमारियों के दस्तक के चलते अब स्वास्थ विभाग को दोहरी भूमिका अपनाना होगा. जिससे स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के तैयारियों की जानकारी के लिए संपर्क करने पर पता चला कि स्वास्थ्य विभाग अपने पास उपलब्ध स्टाफ एवं संसाधनों के बलबूते बेहतर परिणाम देने के लिए तैयार है. 

दिए गए निर्देशों का पालन करें
सिरोंचा तहसील में मौसमी बीमारियों के तहत सर्दी, खांसी, बुखार, उल्टी, दस्त, वातरोग आदि प्रमुख रूप से देखे जाने वाले बीमारियां हैं. बरसात के शुरुआती दिनों में ज्यादातर मरीज इन बीमारियों से ग्रसित देखने को मिलते हैं. इसको लेकर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग जरूरत के मुताबिक शिविर लगाकर मौसमी बीमारियों से लोगों को कुछ हद तक निजात भी दिलाता है. लोगों को भी अब जीवनशैली में बदलाव लाते हुए स्वयं के साथ ही अपने परिवार को मौसमी बीमारी एवं महामारी कोरोना के संक्रमण से बचाये रखना होगा. तय निर्देशों के मुताबिक मास्क का प्रयोग, सामाजिक दूरी, अनावश्यक भ्रमण से बचे रहना होगा. साथ ही स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए अपने परिसर को स्वच्छ रखने का प्रयास करना होगा.