Sakoli Sub District Hospital

    गड़चिरोली.  गड़चिरोली जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवा पर ही जिले के नागरिकों का स्वास्थ्य निर्भर है. जिले के 45 स्वास्थ्य केंद्रों में 90 डाक्टरों को नियुक्तियां करने के बावजूद भी नक्सलग्रस्त दुर्गम परिसर के अनेक अस्पताल एक ही डाक्टर के भरोसे पर चलने की जानकारी प्राप्त हुई है. सरकार द्वारा चिकित्सालयों में दो डाक्टरों की नियुक्ति करने के आदेश जारी किये गये है. बावजूद इसके एक डाक्टर 15 दिन व अन्य डाक्टर 15 दिन सेवा देने का सिलसिला दुर्गम परिसर में शुरू है.

    ले की एटापल्ली, कोरची, धानोरा, भामरागड़, सिरोंचा आदि तहसीलों के वैद्यकीय अधिकारी मुख्यालय में नहीं रहते। वे शहर मुख्यालय अथवा तहसील मुख्यालय से आवागमन करते है। कुछ डाक्टर तो बाहर जिले के रहकर गड़चिरोली जिले के दुर्गम तहसीलों में सेवा दे रहे है. उनका वेतन भी नियमित रूप से जिला परिषद का स्वास्थ्य विभाग अदा कर रहा है. गट अ दर्जे के वैद्यकीय अधिकारियों को तहसील स्वास्थ्य अधिकारी के रूप में नियुक्ति करें, ऐसा स्पष्ट आदेश स्वास्थ्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने जारी किये है.

    लेकिन गड़चिरोली जिले में गट ब के वैद्यकीय अधिकारियों को अ दर्जे का पद बड़े ही सरलता से मिल रहा है. अहेरी तहसील के अनेक स्वास्थ्य केंद्रों में डाक्टरों की कमी है. ऐसे स्थिति में जिले में स्वास्थ्य सेवा चरमरा गई है. जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से कुल 45 स्वास्थ्य केंद्र कार्यरत है. इनमें गड़चिरोली तहसील में 4, अरामोरी तहसील में 4, देसाईगंज 3, कुरखेड़ा 3, कोरची 2, धानोरा 5, एटापल्ली 3, भामरागड़ 3, सिरोंचा 4,  अहेरी 5, मुलचेरा तहसील में 3 तथा चामोर्शी तहसील में 6 स्वास्थ्य केंद्र का समावेश है.

    प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दो वैद्यकीय अधिकारियों की नियुक्ति की गई है. इसके अलावा जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग की ओर से 36 स्वास्थ्य पथकों में प्रत्येकी एक डाक्टर की नियुक्ति की गई है.  जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत बड़े पैमाने पर डाक्टरों समेत अन्य पद रिक्त पड़े है. अनेक डाक्टर गड़चिरोली जिला मुख्यालय में रहकर दुर्गम परिसर में सेवारत है. ऐसे में जिले में स्वास्थ्य सेवा चरमराई है.