सिरोंचा में अब चर्मरोग का बढता संक्रमण

  • कोरोना महामारी के बिच फैल रही यह बिमारी
  • उपचार हेतु जद्दोजहद कर रहे मरीज

सिरोंचा. सिरोंचा शहर में इन दिनों कुछ लोगों में चर्मरोग का संक्रमण देखा जा रहा है. संक्रमित लोगो की माने तो यह शुरुवाती दौर में हल्की सी खुजलाहट से शुरू होकर आइस्ता आइस्ता बढ़ती जाती है. शुरुआती दिनों में शरीर के कुछ हस्सिे पर खुजलाहट के बाद छोटी फुनसियों के रूप में परिवर्तित हो रही है. उसके बाद संक्रमित स्थान पर फैलती जा रही है. कुछ ही दिनों में यह शरीर पर छोटे आकार में धब्बे छोड़ देती है. इस अज्ञात चर्मरोगजन्य बिमारी से सिरोंचा के अनेक मरीज पिडीत है. एक तरफ कोरोना का संक्रमण है तो दुसरी ओर यह आफत आयी है. जिससे मरीज इस अज्ञात बिमारी के निदान व उपचार के लिए जद्दोजहद करते दिखाई दे रहे है. 

चर्मरोगनुमा इस अज्ञात बिमारी संक्रमित हुए मरीजों की माने तो यह त्वचा रोग घर पर भी परिवार के सदस्य एक टॉवेल,एक साबुन, एक दूसरे के समीप आने पर एक दूसरे में फैलती दिखने लगी है. इसको लेकर अब स्थानीय लोगों में चिंताएं बढ़ने लगी है. शुरुवाती दौर में यह हल्की खुजलाहट से शरीर पर महसूस की जा रही है. मगर समय के साथ यह बढ़ते हुए फुनसियों के रूप विकसित हो रही है. उसके बाद यह कम समय पर ही गोलाकार दब्बे के रूप में त्वचा पर दिखने लगती है.  

एक ओर जहां महामारी कोरोना के संक्रमण से लोग प्रभावित हो रहे है. उस पर चर्म रोग का सितम लोगों को चिंता में डाल रखा है. जानकारी के मुताबिक शहर में इन दिनों दर्जन भर लोग इस चर्मरोग से प्रभावित हो चुके है. स्वास्थ्य विभाग को इस ओर ध्यान देते हुए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए. ताकि इससे शुरुवाती दौर मे इसपर नियंत्रण पाया जा सके. हालांकि इस त्वचा रोग से प्रभावित हुए लोग स्थानीय मेडीकल स्टोर्स से दवा लेकर इस्तेमाल करने लगे है. मगर जागरूकता के अभाव में इसे प्रभावित मरीज स्वयं के अलावा परिवार को इसके संक्रमण में लाने का खतरा बढा है. 

चिकत्सिाकीय जगत से जुड़े लोगों की माने तो यह एक मौसमी संक्रमण के रूप में होता है. कुछ एक संदर्भो पर पानी के चलते तो कभी कीटों के काटने पर भी इस तरह का एलर्जिक त्वचा पर संक्रमण होता है. शुरुवाती दौर में इलाज किये जाने पर इसका फैलाव को रोका जा सकता है. इससे संकर्मित मरीज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर जा कर इलाज करवा सकते है. संक्रमण के पूरी तरह से समाप्त होने तक मरीजों को सावधानियां बरतनी जरूरी है. ताकि दूसरों को इससे संक्रमित ना कर सकें.