बढ़ रही पैदावार, खरीदी केंद्र का इंतजार

  • जिले में अबतक नहीं खुला सीसीआई कपास खरीदी केंद्र
  • किसानों का कब खत्म होगा इंतजार

चामोर्शी. वैसे तो गडचिरोली जिला धान उत्पादक जिले के रूप में पहचाना जाता है। मात्र विगत कुछ वर्षो से कृषि क्षेत्र में सुधार होते दिखाई दे रहा है। जिसके फलस्वरूप जिले में कपास का भी उत्पादन बडे पैमाने में लिया जा रहा है। गडचिरोली जिले के मध्य व दक्षिण छोर यानी गडचिरोली, चामोर्शी, अहेरी व सिरोंचा में इन दिनों किसान कपास फसलों की ओर बढे है। जिससे यहां कपास फसलों की पैदावार बढती जा रही है। मात्र गडचिरोली जिले में कपास उत्पादक किसानों के लिए सीसीआई का मान्यताप्राप्त खरीदी केंद्र अबतक शुरू नहीं हुआ है। जिससे उपज लेनेवाले किसानों को अब भी खरीदी केंद्र का इंतजार लगा हुआ है। पहले ही किसान विभिन्न परेशानियों से निबट रहे है। ऐसे में अब किसानों को खरीदी केंद्र के लिए भी इंतजार करना पड रहा है। किसानों का इंतजार कब खत्म होगा? 

जिले में बडी मात्रा में कपास का उत्पादन लिया जा रहा है। मात्र जिले में एकमात्र  अनखोडा के आस्था जिनिंग एन्ड प्रेसिग केंद्र को भारतीय कपास महामंडल ने (सीसीआई) ने अबतक मान्यता नहीं दी है। जिससे कपास उत्पादक किसानों को भारी असुविधा हो रही है। इस ओर जनप्रतिनिधि व प्रशासन अनदेखी कर रहा है। जिले में कपास खरीदी केंद्र नहीं होने से किसानों को जिले के बाहर कपास कम दामों में बेचना पडता था। फलस्वरूप किसानों को नुकसान उठाना पडता था। मात्र 2 वर्षो से अनखेडा में कपास खरीदी केंद्र शुरू होने से किसानों को राहत मिली। इस वर्ष कपास की फसल निकलने लगी है। किंतु अब तक आस्था काटॅन जिनिंग एन्ड प्रेसिंग इस केंद्र को सीसीआई की मान्यता अब भी नहीं मिली। किंतु जिले से सटे चंद्रपुर जिले के भद्रावती 1, सोनुली 1, राजुरा 3 व चंद्रपुर में 3 सीसीआई केंद्र मंजूर हुए। मात्र चामोर्शी तहसील के एकमात्र केंद्र को मंजूरी दिलाने में जनप्रतिनिधि व प्रशासन विफल हो रहे है, जिससे चामोर्शी तहसील समेत सिरोंचा, अहेरी, एटापल्ली परिसर के सैंकडों गांवों के साथ चंद्रपुर जिले के किसानों को व्यापक असुविधा व अन्याय हो रहा है। 

किसानों की असुविधा को टालने के लिए व कपास उत्पादक किसानों का हित देखते हुए अनखोडा के जीनिंग सेंटर को सीसीआई यह तत्काल कपास खरीदी करने की अनुमति देकर किसानों को राहत देने के लिए सांसद अशोक नेते व जिला प्रशासन तत्काल ध्यान देकर सीसीआई के मंजूरी के लिए प्रयास करे, ऐसी मांग किसानों द्वारा की जा रही है। 

दूसरे जिले के व्यापारी दाखिल 

कपास की पहली तुडाई कर किसान कपास घर ला रहे है। मात्र सीसीआई का कपास खरीदी केंद्र शुरू न होने से किसानों को कपास बिक्री करने के लिए परेशानी का सामना करना पड रहा है। इसी मौके का लाभ उठाकर दूसरे जिले के व्यापारी जिले में दाखिल हुए है। व्यापारी वाहन लेकर गांव गांव में कपास खरीदी हेतु घुम रहे है। इस कालावधि में किसानों की समस्या को देखते हुए कम दामों में कपास की खरीदी कर रहे है। जिससे दूसरे जिले के व्यापारी किसानों की लूट करते हुए व्यापक मुनाफा कर रहे है। मात्र किसान उनके समक्ष मजबूर नजर आ रहा है।