जनता कर्फ्यू: गडचिरोली में सन्नाटा, बाजार बंद, पहले दिन भारी  प्रतिसाद

गडचिरोली. संपूर्ण जिले समेत जिलस्तर रहनेवाले गडचिरोली शहर में कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए शहर के व्यापारी संगठना तथा सर्वपक्षीय राजनीतिक पदाधिकारियों ने सर्वसम्मती से 23 से 30 सितंबर तक शहर में जनता कर्फ्यू की घोषणा की। आज जनता कर्फ्यू के पहले शहर के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान व बाजार बंद थे। जिससे दिनभर शहर में सर्वत्र सन्नाटा दिखाई दिया।

पिछले कुछ दिनों से जिले में कोरोना बाधितों की संख्या बढते दिखाई दे रही है। इसमें गडचिरोली तहसील में अब तक सर्वाधिक 937 बाधितों पाये गये है। विशेष रूप से जिलास्तर रहनेवाले गडचिरोली शहर में लगातार बाधितों की संख्या बढते जाने से शहर में कोरोना संक्रमण बढ रहा है। परिणाम स्वरूप कोरोना को रोकने के लिए व्यापारी संगठना व सर्वपक्षीय राजनीतिक पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से पहल कर शहर में जनता कर्फ्यू का निर्णय लिया। जिसके अनुसार आज दिनभर शहर के बाजार था। बंद के दौरान मुख्य मार्ग पर वाहन आते जाते दिखाई दिए.। किंतु बाजारपेठ के अंतर्गत मार्ग पर सर्वत्र सन्नाटा दिखाई दिया।

सरकारी कार्यालय समेत स्वास्थ्य विषयक सेवा शुरू

जनता कर्फ्यू के दौरान शहर के सभी प्रतिष्ठान बंद रखे गए। किंतु शहर के सरकारी अस्पताल, निजी क्लीनिक, मेडिकल, सरकारी कार्यालय आदि सेवा शुरू थी। शहर के पट्रोलपंप इस दौरान शुरू थे। बाजार के अन्य दूकान पूर्णत: बंद रखे गए थे। 

पुलिस प्रशासन सतर्क

जनता कर्फ्यू के पार्श्वभूमि पर शहर के मुख्य मार्ग पर यातायात पुलिस मास्क लगाकर तैनात थे। बिना मास्क घुमनेवाले वाहनचालकों की पूछताछ कर जुर्मानात्मक कार्रवाई की गई। शहर के इंदिरा गांधी चौक, एसबीआई बैंक के सामने, आईटीआई चौक, चामोर्शी, धानोरा मुख्य मार्ग पर यातायात पुलिस सतर्कता बरतक कर्तव्य निभा रहे थे। 

निजी यातायात बंद 

सुबह के दौरान शहर के दूकान बंद होने से बाजार में शांति थी। शहर के अंतर्गत मार्ग पर ही वाहनों का सन्नाटा छाया था। संपूर्ण शहर में जनता कर्फ्यू का पालन किया गया। इस दौरान मुख्य मार्ग की यातायात नियमित रूप से शुरू थी। रापनि की बससेवा शुरू होने से बसेस मुख्य मार्ग से दौडती दिखाई दी। मात्र शहर के निजी वाहन आटो, रिक्शा की यातायात ठप रहा।