टोकन लेने के लिए कृउबास परिसर फुल, किसानों की भारी भीड

  • कोविड नियमों का हो रहा उल्लंघन

देसाईगंज. स्थानिय कृषी उत्पन्न बाजार समिती के परिसर में सरकारी धान खरेदी केंद्र पर धान की बिक्री करने के लिए टोकन हासिल करने हेतु किसानों ने बडी भीड की थी. कोरोना संक्रमण बढता जा रहा होकर सरकार, प्रशासन कुछ पैमाने में गंभीर दिख रहे है. किंतु इस जगह पर कोविड नियमों का उल्लंघन होने का दिखाई दिया.

देसाईगंज तहसील में कोरेगाव, पिंपलगाव (ह.), सावंगी व कुरुड इन चार सरकारी धान खरेदी केंद्र द्वारा हर वर्ष धान की खरेदी की जाती है. इस वर्ष केंद्र सरकार ने जाहीर किए प्रती क्विंटल 1868 रूपए भाव से आधारभूत केंद्र पर धान की खरेदी 26 नवंबर से की जानेवाली है. राज्य सरकार की ओर से इस वर्ष धान की बिक्री किए किसानों को प्रती क्विंटल 700 रुपए बोनस देने का घोषित किया गया है. देसाईगंज तहसील में धान यह मुख्य फसल होकर धान के उत्पादन पर किसानों को सालभर का आर्थिक नियोजन निर्भर रहता है. कई बार निजी व्यापरियों की ओर से किसानों को लुटा जाता है. यह लूट रूकाने के लिए सरकार ने आधारभूत धान खरेदी केंद्र मंजूर किया है.

देसाईगंज तहसील के किसान कृषी उत्पन्न बाजार समिती के केंद्र पर धान की बिक्री करने के लिए टोकन हासिल करने के प्रयास में है. कोरोना का बढता प्रादुर्भाव ध्यान में लेकर नागरिकों की सुरक्षितता के हेतु से भीड की जगह फिजीकल डिस्टन्स, तापमापक यंत्र, सॅनिटायझर तथा मुंह पर रूमाल लगाना अथवा मास्क का उपयोग करना आदी बात अनिवार्य किया गया है. ऐसा होने के बावजूद भी देसाईगंज के  कृउबास में टोकन हासिल करने के लिए किसानों ने भारी भीड की थी. 

कोरोना संक्रमण बढने की संभावना 

एक और कोरोना संदर्भ में संपूर्ण स्वास्थ्य यंत्रणा दहशत में होने पर व आकस्मिक बीमार पडे गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिलना कठीन हुआ है. ऐसे स्थिती में देसाईगंज शहर व तहसील में अनेक जगह पर फिजीकल डिस्टन्सिंग की धज्जिया उडी है. मात्र इस समस्या की ओर तहसील आपदा प्रबंधन प्राधिकरन की अनदेखी हो रही है. तहसील में ऐसी कायम रहने पर कोरोना संक्रमण का प्रादुर्भाव बढने की संभावना हो सकती है. जिले के ग्रामीण क्षेत्र में अनेक जगह पर साप्ताहीक बाजार भरता है. वहां भी नियमों का उल्लंघन होने का दिख रहा है.