कोरोना के साएं में मनेगा प्रकाश पर्व

  • सादगी से मनाई जाएगी गुरू नानक जयंती
  • रोशनाईयों से सजाएं गए गुरूद्वारे

गडचिरोली. सिख संप्रदाय के प्रथम गुरू श्री. नानकदेवजी की जयंती प्रकाशपर्व के रूप में समुचे भारतवर्ष में मनाई जाती है. प्रतिवर्ष सिखबांधव प्रकाशपर्व उत्साह से मनाते आए है, मात्र इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते पर्व पर व्यापक बंदिशे आ गई है. जिससे इस वर्ष हर्षोल्लास आयोजित होनेवाला प्रकाश सादगी से मनाया जानेवाला है. प्रकाशपर्व के मद्देनजर गुरूद्वारों को सजाया गया है. वहीं कोरोना के मद्देनजर गुरूद्वारा में सॅनिटायजरींग तथा आवश्यक सतर्कता बरती गई है. सभी श्रद्धालुओं को मास्क का उपयोग करने के पश्चात ही गुरूद्वारा में दाखिल होने की सुचना दी गई है. 

कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष अनेक त्यौहार सादगी से मनाएं गए है. ऐसे में 30 नवंबर को मनाया जानेवाला प्रकाशपर्व भी सादगी से मनाया जानेवाला है. कोरोना संक्रमण के चलते विगत 8 माह से मंदिर, गुरूद्वारा समेत अनेक धार्मिक स्थल बंद थे. हाल ही में सरकार ने नियमों का पालन करते हुए धार्मिक स्थलों को शुरू करने की अनुमति दी गई है. जिसके तहत गुरूद्वारों में साफसफाई तथा सॅनिटायजरींग करने के कार्य प्रारंभ हुए थे. वहीं प्रकाशपर्व होने के चलते गुरूद्वारा प्रबंधन सभी तैयारियों में जुट गया था.

प्रकाशपर्व के पूर्व गुरूद्वारा में सॅनिटायजरींग किए गए है. इसके साथ ही गुरूद्वारा में आनेवाले श्रद्धालुओं को मास्क का उपयोग करने के पश्चात ही प्रवेश करने तथा कम संख्या में सोशल डिस्टन्सींग का पालन करते हुए उक्त पर्व मनाने की अपील की है. गुरूद्वारा में भीड न हो इसका ध्यान भी गुरूद्वारा प्रबंधन रख रहा है. गडचिरोली जिले में देसाईगंज तथा गडचिरोली शहर में सिख बांधव होने के कारण यहां गुरूद्वारा है. इन गुरूद्वारे पर प्रशासन के नियमों का पालन करते हुए विभीन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए है. 

सादगी से होगी कार्तिक पुर्णिमा की समाप्ती

हिंदू समुदाय में कार्तिक पुर्णिमा का भी विशेष महत्व होता है. गडचिरोली जिले के शहरी तथा ग्रामीण अंचल में विभीन्न धार्मिक अनुष्ठाण आयोजित किए जाते है. मात्र इस वर्ष कोरोना प्रादुर्भाव होने से सादगीपूर्ण रूप से कार्तिक पुर्णिमा का समापन किया जानेवाला है. बतां दे कि, कोजागिरी पुर्णिमा से लेकर कार्तिक पुर्णिमा तक काकड आरतियां की जाती है. कार्तिक पुर्णिमा पर काकड आरती का समापन विभीन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ किया जाता है. कोरोना प्रादुर्भाव के चलते इस वर्ष प्रशासन के नियमों का पालन करते हुए विभीन्न कार्यक्रम हुए है. अब 30 नवंबर को कार्तिक पुर्णिमा पर भी इसी तरह सादगीपूर्ण रूप से कार्यक्रम संपन्न किए जानेवाले है.