Loss of crops due to unseasonal rain

जिले में कोई उद्योग न होने की वजह से कृषि प्रमुख व्यवसाय है।

  • किसानों को आर्थिक मदद दे

कोरची. जिले में कोई उद्योग न होने की वजह से कृषि प्रमुख व्यवसाय है। खरीफ में किसानों ने धान की पैदावार की और धान अब काटकर खेतों में इकट्ठा किया है। किंतु शुक्रवार की रात भर आई कम अधिक बरसात की वजह से धान भीग गया और  किसानों का भारी नुकसान हुआ है। इसलिए नुकसान का सर्वे कर तुरंत मुआवजा देने की मांग अन्याय, अत्याचार, भ्रष्टाचार विरोधी समिति ने की है।

20 नवंबर की शाम 5 बजे से बिजली की गडगडाहट के साथ  बरसात शुरु हो गई। जो रात भर कम अधिक पडती रही। इससे काट कर खेतों में रखे धान का भारी नुकसान हुआ है। किसानों की फरियाद पर अन्याय, अत्याचार, भ्रष्टाचार विरोधी समिति के पदाधिकारियों ने जाकर नुकसान का मुआयना किया। किसानों पर भूखे मरने की नौबत न आये इसलिए तुरंत सर्वे कर नुकसान भरपाई की मांग समिति के तहसील अध्यक्ष आशिष अग्रवाल, जितेंद्र सहारे, श्यामकुमार यादव, अभिजीत निंबेकर, भूमेश शेंडे, रवि बावने आदि ने की है। उनके साथ बडी संख्या में किसान मौजूद थे।