बाघ के वायरल वीडियो को लेकर अनेक दावे

  • पडोसी राज्य के वन विभाग ने गठीत की टीम

सिरोंचा.  इन दिनो सोशल मिडिया प्लेट फार्म पर  बाघ का नदी मे पानी पीते विडियो जोर शोर से वायरल हो रहा है. जिसको लेकर तरह तरह के दावें किये जा रहे है. जबकी विडियो की लोकेशन की अब तक आधिकारिक पुष्टि नही हुई है. मगर सोशल मिडिया मे तहसील के सीमा से होकर बहाने वाली इन्द्रावती नदी पर बाघ आकर पानी पीने का विडियो होने का दांवा सोशल मिडिया पर  किया जा रहा है. जबकी तहसील का वन प्रशासन इसको लेकर चुप्पी साधे हुए है.

बीते दो दिनों से सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर बाघ के दो विडियो वायरल हो रहे है. जिसको लेकर स्थानीय मिडिया मे भी विडियो को आष्टी के एक नदी का होने का दांवा किया गया है. जबकी इसके बारे मे अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नही हुई है. विडियो मे बाघ के नदी मे आकार पानी पीना स्पष्ट रुप से दिखाई पड़ रहा है. वही इस विडियो को लेकर पडौसी राज्य छत्तीसगढ़ के वन विभाग हरकत मे आया है. वहां के बीजापुर जिले के जिला वन अधिकारी ने वन परिक्षेत्र अधिकारी भोपालपटनम को आदेश जारी कर जानकारी इकटटा करने को कहां है. 

दंडकारण्य क्षेत्र जो की बाघों का पनाहगाह सुरक्षित क्षेत्र माना गया है. जहां अक्सर बाघों के मौजूदगी की बात कही जाती रही है. कुछ एक संदर्भो पर बाघो के देखें जाने के दांवें ग्रामीण क्षेत्र के लोगों द्वारा किये गये है. कभी कभार बाघ रात के सन्नाटे मे गांवो मे प्रवेश कर गांव के मवेशियों को निवाला बनाने की शिकायतें भी सुनने को मिले है. जिसको लेकर तहसील का वन प्रशासन सतर्क है.

जबकी सिरोंचा तहसील के सीमावर्ती इलाक़ों तेलंगाना के कोटापल्ली, वेमनपल्ली, महादेवपुर तहसील क्षेत्रों को टाईगर जोन कहा जाता है. वहीं पडौसी राज्य छत्तीसगड़ के सीमावर्ती इलाको भोपालपटनम एवं भैरमगढ़ तहसीलो को भी टाईगर जोन माना गया है. जहां बाघो को संरक्षित करने के उद्देश्य से सीमित क्षेत्र को टाईगर जोन रिजर्व क्षेत्र घोषित किया गया है.

इन सबके बीच लोग भी अब सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर विडियो को वायरल कर लोकेशन को लेकर दावें कर रहे है. आधिकारिक पुष्टि के अभाव मे लोग भी गुमराह होकर दहशत मे है. खासकर तहसील के सीमावर्ती क्षेत्र पातागुडा, सोमनपल्ली, देचीलीपेटा, बिरारघाट, कोरला, कर्जेल्ली के अलावा सोमनूर एवं गुम्मलकोंडा क्षेत्र के ग्रामीण खौफजदा है. 

पतासाजी की जा रही है  

इस संदर्भ मे छत्तीसगढ राज्य के बीजापुर जिले के डीएफओ ( वन्यप्राणि)आर एस वट्टी से बात करने पर उन्होनें कहा है की विडियो की सत्यता को जानने का प्रयास  किया जा रहा है. विडियो मे बताया गया स्थान के 5 किलोमीटर की एरिया मे छानबीन की जा रहा है. अब तक किसी भी तरह के शेर के मौजूदगी का प्रमाण नही मिला है. शेर के भ्रमण होने पर उसके पद चिन्ह मिलते है. मगर वहां पर जांच टीम को किसी भी तरह के निशान नही मिले है. विडियो कहां की है ये कह पाना अभी मुश्किल है.             

अबतक नहीं मिली जानकारी

 इस बारे मे सहायक वन संरक्षक आलपल्ली सुहास बोडेकर ने बताया है की फिलहाल विभाग के पास इस तरह की कोई भी जानकारी उपलब्ध नही है. चूंकि यह क्षेत्र टाईगर जोन के तहत आता है. जहा अक्सर शेरों के भ्रमण की खबरें निकल कर आती है. इसको लेकर विभाग चौकन्ना है.