मसेली का छात्रावास 4 वर्षों से बंद ! निर्माण कार्य ठप होने से छात्रों का बेहाल

कोरची. आदिवासी जरूरतमंद छात्र शिक्षा का लाभ ले पाए इस हेतु से तहसील के मसेली में सरकारी छात्रावास को मंजूरी प्रदान की गई. मात्र नवनिर्मित इमारत को 4 वर्ष का कालावधि होने के बावजूद भी निर्माण अधुरा होने से करीबन 4 वर्षों से उक्त छात्रावास बंद अवस्था में है. निर्माण कार्य ठप गिरने से दुर्गम क्षेत्र के छात्रों को परेशानीओं का सामना करना पड रहा है. इसकी ओर संबंधित विभाग अनदेखी करने से स्कुल प्रबंधन समिती के पदाधिकारियों में तीव्र नाराजी व्यक्त हो रही है.

तहसील के मुख्य गावों में से मसेली परिसर के आदिवासी छात्र शिक्षा का लाभ ले सके इस हेतु से सरकारी आश्रमशाला की निर्मिती की गई. छात्रों को शिक्षा के साथ रहने की व भोजन की व्यवस्था स्कुल के परिसर में हो इसलिए इस स्कुल के छात्रों के लिए सरकार द्वारा छात्रावास मंजुर किया गया. इस अंतर्गत 2016 में छात्रावास इमारत का कार्य शुरू हुआ.

इस दौरान लडकियों के छात्रावास का उद्घाटन 2 वर्ष पूर्व किया गया. किंतु विगत 4 वर्षों से लडकों के छात्रावास का निर्माण अधुरे अवस्था में है. जिससे उक्त छात्रावास बंद होने से इसकी परेशानी शालेय छात्रों समेत कर्मचारियों को सहन करनी पड रही है. छात्रावास के अभाव में छात्रों के रहने की अस्थायी व्यवस्था भोजन खोली में की गई है. इसमें छात्रों के सोने के खाट होने से छात्रों को बाहर भोजन करना पड रहा है. बारिश के दिनों में इन छात्रों को तारों पर की कसरत करनी पडती है.

सरकारी माध्यमिक आश्रमशाला मसेली के छात्रावास में 250 के करीबन छात्रों की संख्या होकर इसमें 125 लडकों का समावेश है. लडकों के व लडकियों के छात्रावास का काम एक ही समय पर शुरू किया गया. किंतु लडकियों के छात्रावास का उद्घाटन दो वर्षों के पूर्व ही हुआ होकर लडकों का छात्रावास विगत चार वर्षों से अधुरे अवस्था में होने से स्कुल प्रबंधन समिती के पदाधिकारियों में नाराजी व्यक्त की है. नवनिर्मित छात्रावास में छात्रों के लिए 20 खोलीओं का निर्माण किया जा रहा है. इसमें सांस्कृति खोली, भोजन गृह, स्टोअर रूम, कार्यालय व अधीक्षक के लिए खोली का निर्माण किया जा रहा है. उक्त काम अधुरा होने से छात्रों को इधर उधर भटकना पड रहा होकर उनका शैक्षणिक नुकसान हो रहा है. 

तत्काल निर्माण पूरा करने की मांग

इमारत का काम 2016 व 2017 में शुरू था. किंतु वर्ष 2018 से पूरी तरह बंद है. जिससे इस क्षेत्र के आदिवासी छात्रों का शैक्षणिक नुकसान हो रहा है. छात्रों का शैक्षणिक नुकसान टालने के लिए तत्काल छात्रावास निर्माण पूरा किया जाए, ऐसी मांग स्कुल प्रबंधन समिती के अध्यक्ष साधुजी नरोटी, उपाध्यक्ष सुनीता कोरेटी, मीना टेकाम, तुकाराम कोवाची, सुरज आचला, जमनाबाई बोगा, जुग्या मडावी, राजाराम नैताम, समरीबाई नैताम, हिरालाल सयाम, सगान उईके, प्यारेलाल मडावी ने की है.