अवैध उत्खनन से सरकार को करोड़ों का चूना

  • राष्ट्रिय महामार्ग के ठेकेदार पर्यावरण को पहुंचा रहे क्षति

गडचिरोली. एक तरफ गड़चिरोली जिले का विकास करने के लिये जिले में राष्ट्रिय महामार्ग का कार्य शुरू किया गया है. मात्र दुसरी ओर राष्ट्रिय महामार्ग का निर्माण करनेवाले ठेकेदार ही अवैध रूप से रेत और मुरूम का उत्खनन कर प्रशासन व सरकार को करोड़ों रूपयों का चुना लगा रहे ह. सरकारी जमिन से उत्खनन करने से इससे पर्यावरण को भी क्षति पहुंच रही है. 

गड़चिरोली-चामोर्शी मार्ग पर राष्ट्रिय महामार्ग का निर्माणकार्य शुरू है. एक ओर विगत 1 वर्ष से  संपूर्ण गड़चिरोली जिले में रेतीघाटों की निलामी नहीं होने के बावजूद उक्त कार्य के लिए रेत का उपयोग हो रहा है. बतां दे कि, गड़चिरोली-चामोर्शी राष्ट्रिय महामार्ग के निर्माणकार्य का ठेका एजी कन्ट्रक्शन कंपनी और वियाणी कन्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है. किंतु संबंधित कंपनी के ठेकेदार प्रशासन की आंखों में धुल झोंककर अवैध रूप से रेत और मुरूम का उत्खनन कर रहे है. यह मामला हाल ही में उजागर हुआ है. पहले तो संबंधित कंपनियों द्वारा चामोर्शी समीपस्थ बहनेवाली पोहर नदी से अवैध तरीके से रेत का उत्खनन किया था.

जिला खनिकर्म अधिकारी व राजस्व विभाग की टिम ने पोहर नदी में जाकर पंचनामा करने पर करीब 500 ब्रास रेत का उत्खनन होने का मामला सामने आया. जिसके बाद राजस्व विभाग ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है. ऐसे में सोमवार को गड़चिरोली के उपविभागीय अधिकारी आशिष येरेकर और राजस्व विभाग की टिम ने दर्शनी माल परिसर में हो रहे अवैध उत्खनन मामले की जांच करने पहुंचने पर वहां पर करीब एक हजार ब्रास के आसपास मुरूम का अवैध तरीके से उत्खनन होने का मामला सामने आया. जिससे उपविभागीय अधिकारी येरेकर ने कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इससे पहले भी गत सप्ताह में एजी कंन्ट्रक्शन कंपनी द्वारा अवैध तरीके से राजस्व विभाग की जमीन से मुरूम का उत्खनन करने के मामले में राजस्व विभाग ने संबंधित कंपनी पर करीब 2 करोड़ रूपयों का जुर्माना ठोका है. इस संपूर्ण मामले से राष्ट्रिय महामार्ग का कार्य  करनेवाले ठेकेदार पर्यावरण क्षति पहुंचाते दिखाई दे रहे है. इस मामले को सरकार व प्रशासन को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है. 

छग की टीपी मात्र गड़चिरोली की रेत का उत्खनन

गड़चिरोली समेत संपूर्ण राज्य में विगत एक वर्ष से रेतीघाट की निलामी नहीं होने के कारण रेतीघाट बंद है. मात्र पिछले कुछ दिनों से कुछ लोगों द्वारा गड़चिरोली से सटे छत्तीसगढ़ राज्य की टीपी दिखाकर गड़चिरोली जिले के रेती घाट से रेत का उत्खनन करने का मामला सामने आया है. बता दे कि, छत्तीसगढ़ में रेत काफी कम दाम मिलती है. वहीं दुसरी ओर गड़चिरोली के रेतघाट बंद होने से जिले के नागरिकों द्वारा छत्तीसगढ़ की रेत की मांग की जा रही है. इसका फायदा लेते हुए कुछ लोग छत्तीसगढ़ राज्य की टीपी दिखाकर गड़चिरोली जिले के रेतघाट से अवैध तरीके से रेत का उत्खनन कर ढूलाई कर रहे है. यह मामला काफी गंभीर होकर प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है.