मेडिगट्टा बैरेज पर से आवाजाही बंद, दुविधा में राज्य के निवासी

  • हो रही भारी परेशानी

सिरोंचा. तहसील के पोचमपल्ली के समीप नदी पर तेलंगाना सरकार द्वारा निर्माण किए गए बैरेज पर से इन दिनो आमजनों के यातायात को बांध प्रशासन द्वारा पूरी तरह से बंद कराया गया है. इसका असर अब तहसिल के निवासियों पर देखा जा रहा है. वही बांध प्रशासन इसके बारे मे अपनी तर्क देने मे लगा है. वे इस बैरेज पर निर्माण किए पुल को आमजनों के यातायात हेतू नही बनाए जाने की बात कह रहे है. बांध प्रशासन के अनुसार इससे बांध को आनेवाले तकनिकी कमियों को सुधारने अधिकारी एवं कर्मचारियों के यातायात हेतू बनाया गया है. जबकी इस पर से यातायात के बंद करने से तहसील के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

पोचमपल्ली के समीप निर्माण किए मेडिगट्टा बैरेज यूं तो अपने निर्माण अवस्था से ही स्थानीय लोगों का नारजगी झेलता आया है. कभी किनारों की फसल के नष्ट होने को लेकर तो कभी बांध के निचले इलाकों के कटाव को लेकर अक्सर यह बैरेज स्थानीय लोगों के लिये नुक्सान ग्रस्त साबित हुआ है. अब यह बैरेज दुबारा सुर्कियां बटोर रहा है. इन दिनो बैरज पर निर्माण किए गए पुलियां पर से आमजनों के यातायात को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. इसका असर अब स्थानीय लोगों के रोजमर्रा कि जीवन पर देखने को मिल रहा है. तहसील के असरअल्ली, अंकीसा, वडदम, पेन्टिपाका, नडिकुडा क्षेत्र के सैकोडों लोगों का आम जीवन इस बैरेज पर निर्माण किए गए पुलियां के जरीए गुजर रहा है. लोगों के पडौसी राज्य तेलंगाना से सामजिक रिस्तों के चलते अक्सर जाना आना होता है. इसके अलावा कृषी क्षेत्र से खाद बीज व फसल का क्रय विक्रय के चलते इस के जरिये पडौसी राज्य इसके जरिये आवाजाही हुआ करता था. साथ ही स्वास्थ्यगत कारणो के चलते भी आवाजाही इसके जरिये होती थी. वही शैक्षणिक कारणों के चलते पडौसी राज्य से जोड़े रखने मे यह अहम कड़ी साबित हो रही थी. मगर अचानक आवाजाही बंद करने के चलते अब आम जन जीवन प्रभावित हो रही है.

भाजपा ने की आवज बुलंद

हाल ही के दिनो मे भाजपा के पदाधिकारी संदीप कोरेत ने इसको लेकर स्थानीय प्रशासन को इस पर से आवाजाही  बंद करने के चलते हो रही मुश्किलों से पत्र द्वारा अवगत कराया है. साथ ही आवजाही की अनुमती नही दिये जाने पर आदोलन करने की चेतावनी दी है. इस दौरान उस क्षेत्र के ग्रामीण भी उपस्थित थे. वहीं अब ग्रामीण भी अब इसको लेकर उग्र होते दिखाई पड़ रहे है.

किसानों के लिए आसान राह                                         

इन दिनों रबी फसल के कटाई होकर फसल हाथ आने का समय है. जिससे किसान अपनी हाथ आयी फसल को इस रास्ते के जरिये तेलंगाना राज्य कम समय एवं कम दूरी पर पहुंच सकते है. वहीं खरीफ़ फसल का समय निकट होने चलते किसान रबी फसल को बेच कर खरीफ़ फसल हेतू खाद बीज की खरीदी तेलंगाना से करते है. जिसमे इस बैरेजा का रास्ता अहम कड़ी साबित होता है. वहीं सीमावर्ती क्षेत्र के किसान एवं ग्रामीण बैरेज बनने के पूर्व नदी मे नाव के जरिये आवजाही करते थे. मगर अब यह विकल्प भी बंद है. ऐसे मे किसानों एवं ग्रामीणों को सिरोंचा के जरिये काफी अधिक दूरी तय आवजाही करने की मजबूरी हो सकती है.

जिला प्रशासन को कराया समस्या से अवगत 

इस संदर्भ मे स्थानीय प्रशासन के अधिकारी सिरोंचा के तहसीलदार रमेश जशवन्त ने कहां है की समस्या से गडचिरोली जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है. प्रशासन अपने स्तर पर प्रयास कर रहा है।      

आमजनों के लिए पुलियां नहीं 

इस संदर्भ में बांध प्रशासन के अधिकारी तिरुपति राव से फोन पर बात की गयी तो उन्होनें कहा है की यह आमजनों के आवाजाही हेतू नही बनायी गयी है. यह केवल बांध मे आनेवाली तकनिकी खराबी मे सुधार हेतू बांध प्रशासन के आला अधिकारी एवं कर्मचारियों के वाहनों के आवाजाही हेतू निर्माण किया गया है. रही बात आम जनों के आवजाही बंद कर्ने की बात इस बारे मे निर्णय दोनों राज्यों के प्रशासनों को मिल कर लेना होगा. बैरेज के दोनों छोरों के सड़क का निर्माण कार्य अधूरा है. दोनों किनारों के सड़क का निर्मांण पुर्ण नही होने चलते दुर्घटना घटित होने का अन्देशा बनी हुई है.