आदिवासी छात्रों को एमएससीआईटी का प्रशिक्षण, भामरागड़ पुलिस का उपक्रम

    भामरागड़ . आज के आधुनिक युग में सूचना व तंत्रज्ञान को काफी महत्व है. इसका ज्ञान लेना समय की आवश्यकता है. मात्र दुसरी ओर गड़चिरोली जिले के दुर्गम क्षेत्र के जरूरतमंद छात्र गरीबी के चलते कॅम्प्युटर की शिक्षा नहीं ले पा रहे है. ऐसे में भामरागड़ पुलिस ने दुर्गम क्षेत्र के जरूरतमंद छात्रों को एमएससीआईटी का निशुल्क प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है. जिससे भामरागड़ पुलिस के कार्य की सराहना की जा रही है.  

       बता दे कि, जिले की सबसे पिछड़ी तहसील के रूप में भामरागड़ तहसील को पहचाना जाता है. इस तहसील के दुर्गम क्षेत्र के छात्र माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा पूर्ण करते है. लेकिन वित्तीय रूप से कमजोर होने के कारण कम्प्युटर की शिक्षा नहीं ले पाते. यह बात भामरागड़ पुलिस के ध्यान में आते ही भामरागड़ पुलिस ने दुर्गम क्षेत्र के छात्रों का विकास करने के लिये उन्हें एमएससीआईटी का प्रशिक्षण देने का संकल्प लिया.

    और यह कार्य उपविभागीय पुलिस अधिकारी कुणाल सोनवाने के मार्गदर्शन में भामरागड़ के थानेदार किरण रासकर, पुलिस उपनिरीक्षक मंगेश कराड़े, ज्ञानेश्वर भोसले, संघमित्रा बांबोले आदि ने कार्य शुरू किया. बता दे कि, भामरागड़ पुलिस ने क्षेत्र में गरीब और जरूरतमंद छात्रों की सूची तैयार की. और तहसील के करीब 20 छात्रों को भामरागड़ के वंदना कम्पयुटर में निशुल्क रूप में एमएससीआईटी की परिक्षा दी जा रही है. भामरागड़ पुलिस की दुर्गम क्षेत्र के छात्रों को विकास के मुख्यधारा में लाने के प्रयास का तहसील में सराहना की जा रही है.