ऑनलाइन खामियों के चलते शालेय पोषाहार में अड़चनें, न्यूनतम राशि की सीमा होने से नहीं खोल रहे खाते

    गड़चिरोली. शालेय पोषाहार का ऑनलाइन वितरण करने का निर्णय सरकार ने लिया है. डीबीटी योजना द्वारा शालेय पोषाहार की निधि छात्रों के बैंक खाते में जमा की जाती है. किंतु योजना चलाते समय योजना के ऑनलाइन खामियों के कारण शालेय पोषहार डीबीटी योजना अड़चन में आयी है.

    इस योजना के अंतर्गत कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को शालेय पोषाहार अंतर्गत खिचड़ी पकाकर स्कूल में ही दी ज रही थी. किंतु कोरोना प्रकोप के चलते शालेय पोषहार अंतर्गत इस वर्ष चावल, मूंग दाल, मसूर आदि अनाज का वितरण छात्रों के अभिभावकों को स्कूल मार्फत सरकार के निर्देश के अनुसार किया जा रहा है.

    वर्ष 2021-22 इस शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत होकर स्कूल बंद तथा शिक्षा शुरू ऐसी स्थिति है. प्रत्यक्ष में स्कूल कब शुरू होंगे यह अबतक निश्चित नहीं होने से लाभार्थी छात्रों को डीबीटी योजना द्वारा शालेय पोषाहार योजना द्वारा आहार का निधि देने का निर्णय लिया. किंतु प्रत्यक्ष योजना चलाते समय आनेवाली समस्याएं ध्यान में लेकर पूरक व्यवस्था पर सवालिया निशान लग रहा है. उक्त योजना के कारण विद्यार्थी संख्या निश्चित होकर शालेय पोषाहार वितरण का बोझ कम होगा, ऐसी बात कही जा रही है.

    किंतु इसकी खामियों का विचार करना आवश्यक है. छात्रों के आधार पंजीयन, आधार बैंक से संलग्नित हैं. इसकी सुध लेना आवश्यक है. अन्यथा निधि हस्तांरित होना संभव नहीं है. बैंक की ओर से न्यूनतम राशि जमा करने के सख्ती के कारण खाते खोलने की ओर भी अभिभावक टालमटोल कर रहे हैं.