नए विद्यार्थियों को पुरानी किताबें, शिक्षक कर रहे पुस्तकों का संकलन, छात्रों में वितरण

    चामोर्शी. तहसील के भेंडाला परिसर स्थित निजी स्कूलों के शिक्षक गांव-गांव जाकर पुरानी किताबों का संकलन कर नए विद्यार्थियों में बांट रहे हैं. कोरोना की मार से उबरने की शिक्षा जगत में भरपूर कोशिश होती दिख रही है. हर कोई अपने स्तर से बेहतरी के लिए प्रयास कर रहा है.

    इस वर्ष शिक्षा विभाग के कक्षा 5 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को नि:शुल्क किताबों का वितरण नहीं करने के चलते बीते वर्ष के विद्यार्थियों के पास अच्छी स्थिति वाली किताबों का संकलन करने की निर्देश शिक्षा विभाग ने स्कूलों को दिए हैं. तहसील के शिक्षक गांव-गांव जाकर छात्रों को किताबें देने का कार्य कर रहे हैं. कुछ छात्रों में छात्रों की संख्या कम-ज्यादा होने से उस हिसाब से किताबें उपलब्ध नहीं पाती हैं. जिससे छात्रों को किताबें मिलने में विलंब हो रहा है.

    अनेक स्कूलों ने कक्षा 5 से 8वीं के ऑनलाइन क्लासेस शुरू किए हैं. छात्रों को फिलहाल किताबों की आपूर्ति नहीं होने से उनकी निराशा हो रही है. अब स्कूलें शुरू होकर करीब एक माह का समय बीत रहा है. किंतु कुछ विद्यार्थियों को किताबें ही नहीं मिलने से शिक्षकों को भी ऑनलाइन शिक्षा देते समय दिक्कतें हो रही हैं. 

    किताबों के पुन: उपयोग से होगी बड़ी बचत

    शिक्षा विभाग ने बीते वर्ष कक्षा 1 से 8वीं के विद्यार्थियों को दिए जोनेवाले किताबों का पुनर्उपयोग करने का निश्चित किया है. इस उपक्रम से कागज की बचत होकर पेड़ का संवर्धन होने में मदद होगी. वर्ष 2019-20 या 2020-21 इस शैक्षणिक वर्ष में पुरानी उपयोग में लायी गई किताबें स्कूल में जमा करें, ऐसा आह्वान स्कूलों ने अभिभावक तथा छात्रों से किया था.

    अबतक पूर्णरूप से विद्यार्थियों की पुरानी किताबें स्कूल में वापस नहीं आयी है. जिससे पुरानी किताबों का संकलन नहीं हुआ है. जिससे स्कूल के शिक्षकों ने ही घर-घर जाकर किताबों का संकलन करने की मुहिम शुरू की है. पुरानी किताबें जमा कर अनेक नए छात्रों को किताबें वितरित करने का कार्य शुरू है. 

    दूसरे विद्यार्थियों के पास जाकर करते हैं अध्ययन 

    कुछ विद्यार्थियों को किताबों के संदर्भ में पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि ऑनलाइन शिक्षा शुरू हुई है. फिर भी नि:शुल्क किताबें विद्यार्थियों को नहीं मिली है. जिससे अध्ययन कैसे करें, ऐसा सवाल विद्यार्थियों के समक्ष निर्माण हुआ है. बीते वर्ष की पुरानी किताबों की मांग है, लेकिन विद्यार्थियों को अभी तक सभी किताबें नहीं मिली हैं. जिस कारण जिन छात्रों के पास किताबें हैं, उनके यहां जाकर अध्ययन करने की नौबत आ रही है.