7 दिसंबर को विराआंस का विदर्भ में ठिय्या आंदोलन

  • मुख्य संयोजक राम नेवले की जानकारी

आरमोरी. कोरोना कालावधि का सम्पूर्ण बिजली बील सरकार भरे, उसके बाद 200 युनीट तक बिजली बील निशुल् कर उसके बाद का बिजली दर आधा करे, विदर्भ में सितंबर व अक्टुंबर माह में आए अतिवृष्टी के चलते सोयाबीन, कपास, धान, संत्रा फसलों का भारी नुकसान हुआ. इन नुकसानग्रस्तों को 25 हजार रूपए प्रतिहेक्टअरी सीधे सीधे मुआवजा दे, आदी मांगों को लेकर विदर्भ राज्य आंदोलन समिती द्वारा विदर्भ के 11 जिले के 120 तहसील में 7 दिसंबर को गांधी पुतले के पास ठिय्या आंदोलन करने की जानकारी, विराआंस के मुख्य संयोजक राम नेवले ने दी.

आरमोरी के बर्डी परिसर के दत्त मंदिर में हाली में विदर्भ राज्य आंदोलन समिती की सभा संपन्न हुई. सभा में राम नेवले, महिला आघाडी अध्यक्ष रंजना मामर्डे, कोअर कमिटी सदस्य शालिक पाटील नाकाडे, युवानेता सुदाम राठोड, मोरु मसराम, छाया गोन्नाडे, व्यंकट कोटरंगे, भारत कुंभरे, प्रदीप बोरकर उपस्थित थे.

4 जनवरी को नागपूर के संविधान चौक से दोपहर 12 बजे ‘बिजली व विदर्भ मार्च’ 5 किमी पैदल ऊर्जामंत्री नितीन राऊत के निवासस्थान पर जानेवाले है. विदर्भ  में बिजली तैयार हो रही होकर कोरोना कालावधि के सभी उद्योगधंदे, व्यापार बंद थे. जिससे जनता की ओर पैसे न होने से इस संकट कालावधि का सम्पूर्ण बिजली बील सरकार भरे, व जनता को बिजली बील से मुक्त करे, ऊर्जामंत्री राऊत बिजली बील कम नहीं करेंगे. किंतु बिजली बील नहीं भरा तो बिजली काट दी जाएगी, ऐसा बोलकर वैदर्भीय जनता का अपमान उद्धव ठाकरे सरकार ने किया है. इसका निषेध कर ऊर्जामंत्री खुद बिजली काटने के लिए आए व जनता का बिजली बील कनेक्शन काटकर दिखाए, ऐसा आह्वान राम नेवले ने किया.

विदर्भ की जनता ने कोरोना कालावधि का बिजली बील न भरे और बिजली काटे जाने पर उसे विरोध कर फिर से बिजली जोडे, ऐसा आह्वान राम नेवले ने किया है. 7 दिसंबर को होनेवाले आंदोलन का तहसील में आयोजन सफल बनाए, ऐसा आह्वान उन्होंने किया.